कोविड जांच में जुटे प्रत्याशी और एजेंट
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन मतदान के बाद अब दो मई को होने वाली मतगणना की तैयारी में जुटा है। मतगणना के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। चुनाव आयोग से अभी गाइड लाइन नहीं आई है, लेकिन प्रशासन का मानना है कि कोविड की रिपोर्ट के बाद ही प्रत्याशी और एजेंट को अनुमति मिलेगी। इसी के चलते प्रत्याशी और उनके एजेंट कोरोना की जांच कराने में लगे हैं।
हाईकोर्ट द्वारा कोरोना संक्रमण के बीच ही चुनाव कराने को लेकर निर्वाचन आयोग के प्रति बेहद तल्ख टिप्पणी किए जाने के बाद आयोग ने मतगणना के दौरान कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने की तैयारी की है। जनपद में एक प्रत्याशी और कई मतदान कार्मिकों की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो जाने के बाद तथा मतदान के दिन भारी संख्या में कोरोना संक्रमित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की गलती करने वाले प्रशासन को भी इस बार कदम फूंककर उठाने पड़ रहे हैं। मतगणना कार्मिकों को प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही मतगणना की तैयारियों के लिए काउंट डाउन शुरू होने के साथ ही प्रशासन ने कोविड-19 के लक्षण वाले कार्मिकों को ड्यूटी से विरत करने का भी मन बना लिया है, हालांकि इसके लिए निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का इंतजार हो रहा है, जबकि प्रशासन पूरी तैयारी कर चुका है। ं प्रत्याशियों में भी मतगणना की चुनौती को फेस करने के लिए इस बार एक नई हलचल है। कोराना संक्रमण के कारण प्रत्याशियों को तेज तर्रार टीम जुटाने में पसीने छूट रहे हैं। लोगों में प्रत्याशी और कर्मचारियों की मौत होने के कारण दहशत बनी हुई। खुद कई प्रत्याशियों ने अपनी कोरोना रिपोर्ट कराई है, वहीं मतगणना एजेंटों की भी कोविड रिपोर्ट कराने का काम किया जा रहा है। एक प्रत्याशी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से भी इस बार सख्ती की जार ही है। मतगणना एजेंट उन्हीं लोगों को बनाने पर जोर दिया गया है, जो कोविड जांच कराकर निगेटिव रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। प्रत्याशियों की भी रिपोर्ट मांगी जा रही है। निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही प्रत्याशियों को मतगणना स्थल पर पहुंचने की अनुमति मिलेगी।
एडीएम प्रशासन अमित सिंह का कहना है कि मतगणना में कोविड संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोविड गाइडलाइन का पूरा पालन कराने की तैयारी है। मतगणना कार्मिकों में कोविड लक्षण वाले कर्मियों को नहीं लगाया जाएगा।
कोरोना पॉजिटिव की लगा दी ड्यूटी
मुजफ्फरनगर। मतगणना के लिए जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, इनमें बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं जो मतदान के दौरान पॉजिटिव हो चुके हैं। जूनियर हाई स्कूल की प्रधानाचार्य शिमला देवी मतदान के बाद कोरोना संक्रमित हो चुकी है, इनकी मतगणना में भी ड्यूटी लगा दी गई। ऐसे सैकड़ों मामले हैं। दूसरे महिलाओं की ड्यूटी को लेकर इस बार परिजन संवेदनशील है और कोई भी परिजन महिलाओं को ड्यूटी के लिए भेजने को तैयार नहीं है। ऐसे में मतगणना को लेकर प्रशासन के सामने कम चुनौती नहीं है।