पुराने पास किए रद्द, खुलेंगी स्पेयर पार्ट्स की दुकानें
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में थोड़ी सख्ती के साथ कुछ चीजों में छूट दी गई है। प्रशासन ने पूर्व में जारी किए सभी पास रद्द कर दिए हैं। अब नए सिरे से ई-पास जारी होंगे। सुबह छह से नौ बजे सड़कों पर निकलने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी और उनके शरीर पर निशान लगाया जाएगा। बिजली उपकरण एवं अन्य स्पेयर पार्ट्स की दुकानें बृहस्पतिवार से खुलेंगी।
बुधवार को जिला पंचायत के चौधरी चरण सिंह सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के पास एवं सरकारी कर्मचारी, चिकित्सकों के परिचय पत्रों को छोड़कर अन्य सभी पास रद्द कर दिए गए हैं। सुबह छह से नौ बजे तक सड़कों पर निकलने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। पुरुषों के शरीर पर निशान लगाया जाएगा। महिलाओं को इसमें छूट होगी। इससे बिना वजह सड़कों पर आने वालों पर लगाम लगेगी। उन्होंने बताया कि कृषि संबंधी कार्यों, कृषि वाहनों आदि पर कोई रोकटोक नहीं हैं। मैकेनिकों की दुकानें खुलवा दी गईं हैं। बृहस्पतिवार से बिजली एवं अन्य स्पेयर पार्ट्स की दुकानें सवेरे छह से नौ बजे तक खुलेंगी। 28 अप्रैल से जिले में मनरेगा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे। इसके लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 20 अप्रैल तक लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाएगा। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि जो पुराने पास लेकर सड़क पर घूमता मिला तो सख्ती से निपटा जाएगा। वार्ता के दौरान सीडीओ आलोक यादव, एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व आलोक कुमार मौजूद रहे।
जिले में 7818 नए राशन कार्ड बने
डीएम ने बताया कि जिले में 7818 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं। सभी को इसी माह से राशन मिलना शुरू हो जाएगा। 15 अप्रैल से निशुल्क राशन का वितरण शुरू हो गया है। इसके अतिरिक्त 92 संस्थाएं निशुल्क भोजन वितरण कर रही हैं। बुधवार को 17 हजार 720 भोजन पैकेट वितरित किए गए। साथ ही राशन के 3543 पैकेट निशुल्क दिए गए हैं।
दो प्रतिशत ने ही डाउनलोड किया आरोग्य सेतु
शासन ने सभी नागरिकों से अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने को कहा है। इससे कोरोना की ट्रैकिंग हो सकेगी। डीएम ने बताया कि 2.17 प्रतिशत आबादी यानि लगभग 9850 लोगों ने ही आरोग्य सेतु एप डाउनलोड किया है। उन्होंने सभी जिलेवासियों से इस एप को डाउनलोड करने के लिए कहा है।
जिले में बाहर के श्रमिक नहीं
शासन ने प्रदेश के दूसरे जिलों के श्रमिकों को जांच कराने के बाद उनके घरों को भेजने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि जिले के आठ शेल्टर होम में कोई श्रमिक नहीं है। गांव-देहात में कोई रुका है तो वह एआरएम रोडवेज, जिला सूचना अधिकारी के नंबर पर संपर्क कर सकता है।