मुजफ्फरनगर। सीएए के विरोध में हुए बवाल के बाद अब थाना एवं चौकी स्तर के साथ ही जनपद स्तर तक पर शांति समितियों का नए सिरे से गठन किया जाएगा। नए सिरे से गठित होने वाली शांति समितियों में दोनों वर्गों के गण्यमान्य नागरिकों के साथ ही नेता एवं युवा वर्ग को भी शामिल किया जाएगा।
सीएए को लेकर 20 दिसंबर को शहर क्षेत्र में हुए उपद्रव के बाद जिला स्तर पर गठित शांति समितियां माहौल को शांत नहीं कर सकीं। जिसको लेकर शांति समितियों पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस, प्रशासन द्वारा 20 दिसंबर से पहले लगातार शांति समितियों की बैठकें आयोजित की गईं, लेकिन किसी भी रूप में अफसरों को उग्र भीड़ के सड़क पर उतरने का इनपुट नहीं मिला। नतीजतन, पुलिस-प्रशासन भीड़ सड़क पर न आने का अनुमान लगाते रहे। यही पता चलता रहा कि लोग शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देकर लौट जाएंगे। लेकिन जुमे की नमाज के बाद सड़क पर उतरी हजारों की भीड़ ने हिंसा और उपद्रव शहर की सड़कों पर किया, उसने अफसरों के होश उड़ा दिए। शहर की सड़कों पर इतनी भीड़ उमड़ने का आंकलन नहीं होने के चलते पुलिस-प्रशासन अब पुरानी शांति समितियों को समाप्त करने एवं नए सिरे से शांति समितियां गठित करने की कवायद में जुट गया है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि इस बार शांति समितियों में दोनों वर्गों के गण्यमान्य लोगों के साथ ही राजनेता, मीडियाकर्मी और खासकर युवा वर्ग को भी शामिल किया जाएगा। इसमें ऐसे लोगों को तरजीह दी जाएगी, जो पुलिस-प्रशासन को वास्तविक इनपुट दे सके।