मदीना चौक के पास जुमे की नमाज के दौरान दुकान बंद करता दुकानदार।
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मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन एवं बवाल की आशंका को लेकर दिन भर आशंकाओं का बाजार गर्म रहा। नगर के प्रमुख बाजार आम दिनों की तरह खुले लेकिन एक वर्ग की कुछ दुकानें बंद रहीं। दोपहर में नमाज के दौरान दुकानों के शटर गिरा दिए गए लेकिन नमाज के बाद बाजार पूरी तरह खुल गया, हालांकि ग्राहक कम ही रहे। गांव देहात के लोगों ने शहर की ओर रुख नहीं किया।
शुक्रवार सुबह से ही किसी बवाल की आशंका लोगों के जहन में थी। भगत सिंह रोड स्थित बाजार एवं सब्जी मंडी, दाल मंडी, एसडी मार्केट, रुड़की रोड का बाजार सामान्य दिनों की तरह निर्धारित समय पर खुला। मीनाक्षी चौक और कच्ची सड़क की कुछ दुकानें बंद थी। कच्ची सड़क पर सुबह 11 बजे चहल-पहल नजर आई। कच्ची सड़क पुलिस चौकी पर एडीएम प्रशासन अमित सिंह, सीओ दीक्षा शर्मा के साथ भारी पुलिस अमला तैनात था। यहां से सभी दुकानें खुली थी लेकिन मदीना चौक के आसपास की कई दुकानें बंद दिखीं।
आसपास के दुकानदार मुस्तकीम एवं शराफत ने बताया कि जुमे की वजह से दुकानें बंद हैं। नमाज के बाद खुल जाएंगी। दोपहर में 12.30 बजे अजान होने पर कई और दुकानों के शटर गिर गए और लोग नमाज अदा करने के लिए चले गए। लद्दावाला मार्ग पर भी एक वर्ग के लोगों की काफी दुकानें बंद दिखी। शामली रोड और ईदगाह के आसपास का बाजार आम दिनों की तरह खुला था। लोग खरीदारी करते नजर आए। फक्करशाह चौक पर फल, सब्जी, किराना, पान-बीड़ी, फर्नीचर आदि की सभी दुकानें खुली रहीं। मस्जिद में एक बजे अजान हुई तो यहां भी कई लोग अपनी दुकानों के शटर बंद कर नमाज अदा करने चले गए। मीनाक्षी चौक पर भी डेढ़ बजे कुछ दुकानों के शटर बंद मिले। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि दुकानदार नमाज अदा करने गए हैं। ढाई बजे से बंद दुकानें फिर एक बार खुली शुरू हो गईं। नमाज अदा करके लोग या तो अपने घरों को चले गए या फिर अपने प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर कारोबार में लग गए।
गांवों से शहर की ओर नहीं आए लोग
मुजफ्फरनगर। शुक्रवार को बवाल की आशंका के चलते गांव के लोगों ने शहर का रुख नहीं किया। इसके चलते जो बाजार खुले थे उनमें भी केवल शहरी क्षेत्र के ही खरीदार नजर आए। भगत सिंह रोड पर गारमेंट विक्रेता दीक्षांत ने बताया कि ठंड की वजह से पहले से ही कारोबार धीमा था। शुक्रवार को इसमें और भी गिरावट आ गई। गांव के लोग खरीदारी को नहीं आए। रुड़की रोड पर इलेक्ट्रोनिक्स सामान के विक्रेता अनुपम अग्रवाल भी यही बात कही। दाल मंडी के पास फूल विक्रेता राशिद ने बताया कि बाजार की स्थिति को भांपकर उन्होंने पहले से ही कम फूल मंगाए थे।