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By Poll Election: कौन हैं रालोद प्रत्याशी मदन भैया? नई सियासी जमीन की तलाश में लपका खतौली का टिकट

Mon, 14 Nov 2022 11:40 AM IST
Dimple Sirohi मदन बालियान, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

By Poll Election khautauli : तकरीबन डेढ़ दशक पहले तक प्रदेश की सबसे बड़ी खेकड़ा विधानसभा सीट पर सिक्का जमाने वाले मदन भैया ने खतौली उपचुनाव में नई जमीन की तलाश में झट से टिकट लपक लिया। गाजियाबाद की लोनी सीट पर  हार की हैट्रिक के बाद अब खतौली की पिच पर मदन भैया जोर आजमाइश करेंगे।
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रालोद-सपा प्रत्याशी मदन भैया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपने लिए सियासी जमीन की तलाश में पूर्व विधायक मदन भैया अब खतौली में जोर आजमाइश करेंगे। परिसीमन के कारण  खेकड़ा विधानसभा का वजूद खत्म हो गया और लोनी में एक के बाद एक तीन हार झेलनी पड़ी। खतौली में उप चुनाव का मौका बना तो मदन भैया ने सियासी पिच पर बल्लेबाजी का टिकट ले लिया है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत के बहुचर्चित चेहरों में मदन भैया का नाम शामिल है। बागपत की खेकड़ा विधानसभा सीट से वह चार बार विधायक रहे। साल 2012 में परिसीमन हुआ तो खेकड़ा सीट का वजूद खत्म हो गया। इसके बाद अपनी सियासत को संवारने के लिए मदन भैया ने गाजियाबाद की लोनी सीट से 2012, 2017 और 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

खतौली में उप चुनाव का मौका बना तो मदन भैया ने टिकट लपक लिया। इससे पहले खतौली में गुर्जर उम्मीदवार के तौर पर 2012 में करतार भड़ाना विधायक चुने गए थे। इसके बाद दंगा और खतौली सीट के समीकरण पूरी तरह बदल गए। भाजपा के निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी ने यहां दोनों बार जिले की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। 
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खेकड़ा में रूप चौधरी से हारे थे पूर्व विधायक
खेकड़ा विधानसभा सीट पर पूर्व विधायक मदन भैया भाजपा के रूप चौधरी से हार गए थे। इसके बाद वह दोबारा चुनाव जीते। परिसीमन के बाद लोनी में जाकर राजनीतिक जमीन की तलाश की, लेकिन अब तक कामयाबी नहीं मिली।
 
किसी को निराश नहीं करूंगा : मदन भैया
पूर्व विधायक मदन भैया ने कहा कि नेतृत्व ने जो भरोसा जताया है, उस पर खरे उतरने का प्रयास किया जाएगा। जनता को निराश नहीं करूंगा। पूरी तैयारी के साथ गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर वह चुनाव मैदान में उतरेंगे।
 
पूर्व विधायक चंदर सिंह पर हमले में आरोपी
पूर्व विधायक मदन भैया पर कई अपराधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं। बागपत के पूर्व विधायक चंदर सिंह पर हमले का भी उन पर आरोप लगा था। साल 2020 में इस मामले में उन पर आरोप भी तय हो गए थे।
 
बाहरी का दावं, स्थानीय खाली हाथ
उप चुनाव के लिए रालोद के स्थानीय नेताओं ने खूब टिकट की दावेदारी की है। इनमें पूर्व सांसद राजपाल सैनी, अभिषेक चौधरी, संजय राठी, रमा नागर समेत अन्य कई नाम शामिल थे। लेकिन गाजियाबद के मदन भैया का टिकट पर दांव लग गया
 
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