सूबे में चुनाव कराने के लिए प्रत्येक जिले से बसों को अधिग्रहण किया जा रहा है। जनपद से भी 56 बसें चुनाव में लग चुकी हैं। साथ ही शासन ने जनपद और शामली की पुलिस फोर्स के लिए 31 बसें और देने के आदेश दिए हैं। अधिग्रहत बसें चुनाव संपन्न कराने के बाद ही डिपो में लौटेंगी। ऐसे में यात्रियों की मुश्किलें बढ़नी तय हैं।
यूपी में चुनाव के लिए 11 फरवरी से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी। प्रदेश में सात चरणों में चुनाव होगा। इसके लिए पुलिस फोर्स के साथ ही परिवहन निगम की भी जिम्मेदारी बढ़ गई हैं। जनपद में चुनाव कराने के लिए परिवहन निगम की 56 लगी हैं। साथ ही लखनऊ से परिवहन निगम के डिपो को आदेश जारी किए हैं। जिनमें डिपो 31 बसें और चुनाव में जाएंगी।
इसमें 12 बसे शामली जिले के लिए तथा 19 बसें जनपद की पुलिस फोर्स के लिए अधिग्रहित की गई हैं। यह बसे 12 फरवरी की सुबह की चुनावी ड्यूटी के लिए रवाना हो जाएंगी, क्योंकि बड़े पैमाने पर पुलिस फोर्स ड्यूटी करने के लिए अन्य जनपदों में भी जाएगी। चुनाव में डिपो की 87 बसें चुनाव में रहेंगी। जिसके चलते रूटों से बस गायब होगी। ऐसे में यात्रियों की मुसीबत बढ़नी तय है।
चालक-परिचालक पहले डालेंगे वोट
मुजफ्फरनगर। रोडवेज डिपो के एआरएम बीपी अग्रवाल ने चालक-परिचालकों के साथ स्टॉफ को 11 फरवरी को पहले मतदान करने के लिए प्रेरित किया। क्योंकि रोडवेज का संचालन तो रहेगा, लेकिन बसें शहर के भीतर नहीं आ सकेंगी। हाईवे से ही बसें आएंगी और जाएंगी।