संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। जीएसटी में फर्म पंजीकरण कराने के लिए बीपीएल कार्ड धारकों ने जीएसटी विभाग से पंजीकरण के लिए सत्यापन मांगा है। जांच पड़ताल करने पर दो लोग बीपीएल कार्ड धारक निकले।, जबकि दो लोग कारोबार करने के लिए जगह के कागजात नहीं दिखा सके।
जीएसटी अधीक्षक केपी सिंह ने बताया कि खतौली क्षेत्र में एक सप्ताह में चार लोगों ने फर्म पंजीकरण के लिए ऑनलाइन प्रार्थना पत्र डालकर जीएसटी विभाग से सत्यापन मांगा। मौके पर पहुंच कर जांच पडताल की गई तो जानकारी मिली कि जिन लोगों ने पंजीकरण के लिए सत्यापन मांगा है। इनमें दो लोग बीपीएल कार्ड धारक निकले। इनके अलावा दो लोग जगह के कागजात नहीं दिखा सके। इस पर उनको सत्यापन नहीं देकर उसे रद्द किया गया है। एक फर्म ऐसी पकड़ में आई है, जिसने साढ़े तीन करोड़ से अधिक के बिल काट कर ऑनलाइन कारोबार किया है। वहीं 80 लाख रुपये का ही टैक्स जमा किया है। इस व्यापारी की गहनता से जांच-पड़ताल की जा रही है।
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फर्जी बिलिंग करने वाले जीएसटी के निशाने पर
फर्जी बिलिंग कर जीएसटी चोरी करने वाले करीब 12 लोग अधिकारियों के निशाने पर हैं। इन लोगों ने केंद्रीय कर और राज्य कर की बिलिंग की है। इनके अलावा क्षेत्र में करीब 50 फर्म संदिग्ध हैं। जीएसटी अधिकारी इन फर्मों की गहनता से जांच पड़ताल कर रहे हैं। खतौली क्षेत्र में राज्य कर की 2516, केंद्रीय कर की 1429 फर्म का पंजीकरण है। विगत दिनों फर्जी कंपनियों का पंजीकरण कर जीएसटी नंबर पर फर्जी बिलिंग कर राजस्व को हानि पहुंचाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया था। इसमें सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।