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नलकूप खंड कार्यालय में जीपीएफ दस्तावेज जलाने वाले दोनों कर्मचारी गिरफ्तार

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मुजफ्फरनगर कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में नलकूप खंड के कर्मचारी विशाल और अंकुल। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। नलकूप खंड कार्यालय की अलमारी में जीपीएफ के दस्तावेज जलाए जाने के मामले में पुलिस ने आरोपी मुंशी विशाल और क्लर्क अंकुल को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने चार कर्मचारियों के 83 लाख रुपये कोषागार से ट्रांसफर करा लिए थे। फर्जी हस्ताक्षर कर जिला कोषागार के अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखों में धूल झोंकी गई थी।
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मेरठ रोड स्थित नलकूप खंड के अधिष्ठान विभाग की अलमारी में संदिग्ध हालात में आग लग गई थी। अलमारियों में कर्मचारियों की जीपीएफ की फाइलें रखी हुई थी। जांच शुरू हुई तो आरोपी छपार क्षेत्र के सिमर्थी निवासी विशाल कुमार और सिखेड़ा क्षेत्र के बहादरपुर निवासी अंकुल को निलंबित कर दिया गया था। कोतवाली में दोनों के खिलाफ अधिशासी अभियंता अनिल कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। एसएसपी अभिषेक यादव को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पत्र लिखा गया था। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि करीब 83 लाख रुपये का जीपीएफ निकाला गया है। सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि दोनों को सहारनपुर अड्डे से गिरफ्तार किया गया है।
तीन खातों में भेेजे गए थे चार कर्मचारियों के रुपये
आरोपी मुंशी विशाल ने अपनी मां वीरमति व परिचित सुनील व संजीव के खाते में 83 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। वह अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर करता था। अंकुल को पूरे प्रकरण की जानकारी थी और सहयोगी था। शिकायत के बाद मामला खुलता देख दोनों ने अलमारी में आग लगा दी थी।
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यह है मामला
मेरठ रोड पर डीएम आवास के पास नलकूप खंड कार्यालय के नलकूप चालक नरेश चंद ने शिकायत की थी कि उसके बिना आवेदन के ही जीपीएफ निकाल लिया गया है। नलकूप चालक को दस्तावेजों में चौकीदार दर्शाकर नई पेंशन स्कीम के चलते 13.20 लाख का भुगतान कराया गया। शिकायत पर अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने जांच शुरू कराई। इसी दौरान अधिष्ठान विभाग की अलमारी में आग लगा दी गई। आरोपी मुंशी विशाल और अंकुल को निलंबित कर दिया गया था। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
घोटाले की दो टीम कर रही जांच
अधीक्षण अभियंता सहारनपुर अनिल शर्मा ने अधिशासी अभियंता नलकूप खंड सहारनपुर के अधिशासी अभियंता राकेश कपूर, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड मुजफ्फरनगर राकेश कुमार और नलकूप खंड मुजफ्फरनगर के लेखाधिकरी सचिन वर्मा की टीम बनाई थी। जबकि कमिश्नर ने एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह , सहारनपुर के मंडलीय अपर निदेशक कोषागार गोविंद शुक्ला और नलकूप कार्यालय के मंडल अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश शर्मा की टीम गठित की है। दोनों टीमें प्रकरण की जांच कर रही है।
एडीएम ने लिए कर्मचारियों के बयान
शुक्रवार को भी एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह के कार्यालय में टीम ने नलकूप और गंगा खंड के कर्मचारियों के बयान लिए। यह जांच की जा रही है कि कोई और कर्मचारी तो जालसाजी का शिकार नहीं हुआ है। हस्ताक्षरों की जांच भी की जाएगी।
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