प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट घेर लिया और डीएम कार्यालय के समक्ष धरना दिया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेगी। अपनी पांच मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 16 सितंबर से आंदोलनरत हैं।
वह हड़ताल कर लगातार धरना प्रदर्शन कर रही हैं। जिस कारण जिले के तमाम आंगनबाड़ी केंद्र बीते चार दिनों से बंद हैं। सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपना शक्ति का प्रदर्शन करते हुए कचहरी पहुंच कर कलक्ट्रेट का घेराव किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय के समक्ष धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने हौसला पोषण योजना बंद करने, आंगनबाड़ी को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, गर्भवती का पैसा आंगनबाड़ी के खाते में भेजने, आंगनबाड़ी को प्रतिमाह 18 हजार रुपये दिए जाने, दस साल सेवा पूरा करने पर सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, वे काम पर नहीं लौटेगी। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी उनके बीच पहुंच कर अपना समर्थन दिया। धरने में वीना त्यागी, सरस्वती, रविता, रेखा तेवड़ा, भूमिका, बबीता, कोमल, मीनाक्षी, भारती, संगीता, महिमा शर्मा, पूनम, बिमला, मायावती, सुरेश राठी, तैयबा, उपासना, मानिका बालियान, सरिता बालियान, सोमबाला, मुकेश, शादाब, अलका, बिलकिस, मोनिका आदि शामिल रही। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मंगेश गुप्ता ने और संचालन कृष्णा प्रजापति ने किया।