मुजफ्फरनगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) मुख्यालय की विशेष टीम की ओर से की गई ब्लड बैंको की जांच में हैरत अंगेज तथ्य सामने आए हैं। जांच में साबित हो रहा है कि ब्लड बैंकों के संचालन में मरीजों की जान के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा था।
एक ब्लड बैंक की जांच में सामने आया कि रक्तदाता की एलाइजा जांच रिपोर्ट को छिपाया जा रहा था। बहाना बनाया गया कि प्रिंटर खराब था। जबकि खून की जांच और भंडारण के रिकॉर्ड में भी गड़बड़ियां पाई गई हैं।
जनपद में खुले निजी ब्लड बैंकों में भारी अनियमितता सामने आई हैं। पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से गाजियाबाद, इटावा, बरेली, संभल और लखनऊ मुख्यालय से पहुंचे अधिकारियों ने जनपद के सात ब्लड बैंक की जांच की।
जांच के बाद दुर्गा चेरिटेबल ब्लड सेंटर महावीर चौक एवं सर्वोदय चेरिटेबल भोपा रोड के ब्लड बैंक पर खून का संचालन रोक दिया गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों की टीम की ओर से जारी रिपोर्ट में सामने आया कि इन ब्लड बैंक के पास यह रिकॉर्ड भी सही प्रकार से नहीं रखा जा रहा कि खून की आपूर्ति कहां से हो रही है। इन निजी ब्लड बैंक में प्रोफेशनल डोनर खून दे रहे हैं। लेकिन उसकी निगरानी तक नहीं हो रही।