संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए जिले की पेपर मिलों के उद्यमी अब स्वयं आगे आए हैं। उद्यमियों ने एकमत होकर निर्णय लिया है कि किसी भी मिल से बॉयलर से काला धुआं नहीं निकलेगा। इसके साथ ही आरडीएफ (रिफ्यूज-डिराइव्ड फ्यूल) ले जाने वाली कोई भी गाड़ी बिना ढके नहीं जाएगी और मिलों से निकलने वाली राख का उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
पेपर मिल एसोसिएशन की ओर से भोपा रोड स्थित बिंदलास डुप्लेक्स में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में वायु प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पेपर मिल संचालकों द्वारा कई अहम निर्णय लिए गए।
यूपी पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने बताया कि आरडीएफ ले जाने वाली गाड़ियां जब मिल से माल खाली करके वापस लौटेंगी, तो उनकी पूरी तरह से सफाई कराई जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बाहर कोई माल लटका न हो, जिससे वह सड़क पर न गिरे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बॉयलर से किसी भी सूरत में काला धुआं नहीं निकलना चाहिए। इसके लिए आवश्यक प्रबंध मार्च-अप्रैल तक पूरे कर लिए जाएं। सभी मिलें अपने प्रदूषण नियंत्रक संयंत्रों को पूरी क्षमता से चलाएं और उन्हें किसी भी हालत में बाईपास न करें।
राख निस्तारण और ईंधन खरीद पर सख्ती
बैठक में यह भी तय हुआ कि सभी मिल संचालक राख के ठेकेदारों पर कड़ी निगरानी रखेंगे, ताकि चिमनियों से राख उड़ना बंद हो। उड़ने वाली राख को एकत्रित कर उसका सही तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी मिल मालिक यह सुनिश्चित करेंगे कि ईंधन के लिए केवल अच्छी गुणवत्ता वाला आरडीएफ ही खरीदा जाए और किसी भी हालत में एमएसडब्लू (म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट) न खरीदा जाए। इस मौके पर पेपर मिल एसोसिएशन के सचिव अजय कपूर, संजीव जैन, मनीष कपूर, अमित गर्ग, विख्यात बिंदल, सचिन बिंदल, उमंग बंसल और राजकुमार त्यागी भी मौजूद रहे।