खतौली में भाकियू कार्यकर्ताओं ने काली नदी में डाले जा रहे उद्योगों के कचरे को बंद कराने, प्रदूषित पानी से बीमार ग्रामीणों का इलाज कराने और नदी की सफाई करा साफ पानी छोड़े जाने समेत 21 मांगों को पूरा कराने को लेकर तहसील में हंगामा और प्रदर्शन कर धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने तहसील में अपने ट्रैक्टर और बुग्गियों को खड़ा कर भैंसे बांध दिए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दिनभर तहसील में एक भी कोर्ट नहीं चलने दी। एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच चली एक घंटा समझौता वार्ता में आश्वासन मिलने पर पांच घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को दूसरे दिन अपनी मांगों को लेकर तहसील में हंगामा और प्रदर्शन किया। गांवों से आए भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील में एसडीएम कार्यालय व कोर्ट के सामने अपने ट्रैक्टर-बुग्गियों को खड़ा कर दिया और बुग्गियों में भैंसे बांध दिए। इसके बाद कार्यकर्ता तहसीलदार कार्यालय के सामने धरना देकर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने दिनभर एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की कोर्ट को भी चलने नहीं दिया।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि काली नदी का पानी प्रदूषित होने से करीब 25 गांवों के ग्रामीण बीमारी से पीड़ित हैं। इस समस्या को भाकियू कई बार अधिकारियों के समक्ष उठा चुकी है। उन्होंने तहसील में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। 21 सूत्रीय मांगों को पूरा कराने के लिए डीएम को धरने पर बुलाने की मांग पर अडिग हो गए।
तहसीलदार अमित कुमार एवं इंस्पेक्टर ने धरने पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को समझाया, लेकिन वे डीएम को धरने पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एईई आरके सिंह, सिंचाई विभाग के अधिकारी ब्रजेश कुमार, एमडीए व गन्ना विभाग से संबंधित अधिकारियों के बीच भाकियू प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब एक घंटा समझौता वार्ता चली। समझौता वार्ता में अधिकारियों ने उनके विभाग से संबंधित मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब पांच घंटे बाद धरना समाप्त हो सका।
धरने के बीच राजू अहलावत ने एसडीएम शीतल प्रसाद को अपनी 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। धरने की अध्यक्षता बाबा रतन सिंह, संचालन प्रवेंद्र ढाका, मनोज सहरावत ने किया। बिजेंद्र बालियान, लक्ष्मण सिंह, संजीव त्यागी, खड़क सिंह, कपिल सोम, सतेंद्र सोम, दुष्यंत शर्मा, सतेंद्र प्रधान, अंकित चौधरी, नरेंद्र गहलौत, राजबीर गुर्जर, अजय चौहान, ईश्वर, सतीश, मंशाराम, टेकचंद वर्मा, तेजराम, बालिस्टर मोतला, पवन आर्य, सुंदर मोचडी, लवकुश, सुनील, गुडडू, आशु, मुन्नू, रविंद्र आदि मौजूद रहे। तहसील में धरने के दौरान खतौली के अलावा, रतनपुरी, मंसूरपुर, सिखेड़ा, जानसठ समेत कई थानों का पुलिस बल तैनात रहा।
30 जून को पानी खोलने की चेतावनी
काली नदी का प्रदूषित पानी की समस्या का समाधान न होने पर भाकियू ने 30 जून को खतौली गंगनहर से खलासी में जाने के लिए पानी खोले जाने की चेतावनी दी। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने चेतावनी दी कि यदि नदी के दूषित पानी का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर भाकियू खतौली में खलासी पुल का पानी खोल देगी। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इसके बाद मांग पूरी होने तक तहसील में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बैठकर आए किसान
तहसील में भाकियू के धरने में गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बैठकर काफी संख्या में किसान आए। मंगलवार सुबह 10 बजते ही किसान तहसील में पहुंचने शुरू हो गए थे। तहसील में भी चारों तरफ किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां ही नजर आ रही थीं। भाकियू कार्यकर्ता अपने भैंसा-बुग्गियां लेकर भी धरने पर पहुंचे।