मुजफ्फरनगर में बंद पड़ीं दवाइयों की दुकानें।
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केंद्र सरकार की ई-फार्मेसी (ऑनलाइन) दवा बिक्री के खिलाफ देश भर के केमिस्ट हड़ताल पर रहे। जिला परिषद मार्केट की करीब 250 से अधिक दुकानों पर तालाबंदी रही। शहर के अलावा तहसील स्तर भी मेडिकल स्टोर बंद रहे। जिससे लोगों को दवाइयां नहीं मिलीं।
केंद्र सरकार दवा कारोबार को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया पर कार्य कर रही है। जिसके चलते आम आदमी भी ऑनलाइन अपने लिए कहीं से भी दवाई खरीद सकता है। ई-फार्मेसी के लिए ड्रग के पोर्टल पर मेडिकल स्टोर ऑनलाइन होंगे। इस प्रक्रिया का देशभर के केमिस्ट विरोध कर रहे हैं। दवाइयों की ऑनलाइन खरीद को अवैध बताया गया है। इसके विरोध में मंगलवार को ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन केमिस्ट एंड ड्रग्स एसोसिएशन के आह्वान पर दवा कारोबारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे।
जिला परिषद में करीब 150 से अधिक दवा कारोबारी हैं, जबकि अग्रवाल मार्केट में भी 70 से अधिक होलसेल व्यापारी हैं। दोनों स्थानों पर दवा कारोबारी हड़ताल पर रहे। जनपद में करीब 1400 से अधिक होलसेलर हैं, जबकि रिटेलर दवा कारोबारियों की संख्या भी अधिक हैं। जिला परिषद केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जनपद स्तर पर हड़ताल रखी गई। शहर से लेकर देहात तक में मेडिकल स्टोर बंद रहे।
इससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ी। मरीजों के लिए दवाई खरीदने को तीमारदार हलकान रहे। सामान्य बीमारी की दवाइयों के लिए चक्कर लगाने पड़े। जिला परिषद केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि दवा बिक्री के निमयों में बदलाव और ऑनलाइन खरीदारी को बढ़ावा देने से उनके कारोबार प्रभावित होंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से अवैध है। इसके चलते केमिस्ट हड़ताल पर रहे हैं।