एक पखवाड़े से बिजली कटौती से क्षुब्ध किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। कस्बे समेत कई गांवों के लोगों ने बिजलीघर पहुंचकर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। उसके बाद करीब सात घंटे तक थानाभवन मार्ग पर चक्का जाम रखा। 18 घंटे विद्युत आपूर्ति की मांग को लेकर भाकियू नेताओं ने शाम के समय धरने पर पहुंचे अफसरों को बंधक बना लिया।
कस्बे में 95 फीसदी इलेक्ट्रानिक मीटर होने के बावजूद मात्र पांच-छह घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। भाकियू ने निगम के एक्सईएन को आपूर्ति सुचारु नहीं करने पर चक्का जाम की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को भाकियू ब्लाक अध्यक्ष विकास शर्मा के नेतृत्व में कई गांवों के किसानों ने बिजलीघर पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया और धरने पर बैठ गए। किसी अफसर के मौके पर नहीं पहुंचने से गुस्साए किसान बिजलीघर के बाहर थानाभवन मार्ग पर बीच में टैंट लगाकर बैठ गए।
जाम लगने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को पैठ होने के कारण वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। इसके बावजूद दर्जनों शाम तक जाम में फंसे रहे। देर शाम नायब तहसीलदार शिवअवतार सिंह, एक्सईएन एके वर्मा, एसडीओ एसके बहल मौके पर पहुंचे। अफसरों ने 18 घंटे विद्युत आपूर्ति कराने असमर्थता जताई तो किसानों ने उन्हें खरीखोटी सुना दी और बंधक बना लिया।
मौके पर भाकियू की भट्ठी चालू कर दी गई। किसानों का कहना है कि मांगों के पूरा नहीं होने तक धरना चालू रहेगा। उन्होंने अफसरों के समक्ष तैयार पड़ा चौकड़ा बिजलीघर चालू कराने, चरथावल, रोनी हरजीपुर, बिरालसी और दूधली बिजलीघर से जुड़े गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की है। नगराध्यक्ष बंटू त्यागी, राजेंद्र भगत अकबरगढ़, संजीव चौधरी पूर्व प्रधान महाबलीपुर, कमलकांत, तोहिद अहमद खुसरोपुर, पवन त्यागी, रामबीर सिंह, नूर मोहम्मद, बिन्नू त्यागी, नदीम हसन, साधुराम त्यागी, इंद्रपाल ग्राम अध्यक्ष मुथरा, मनोज त्यागी, राकेश शर्मा, सतीश भारद्वाज धरने पर मौजूद रहे।