यही वजह है कि 26 और 27 फरवरी को हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े करने के फैसले का प्रस्ताव भी मोर्चा को ही भेजा जाएगा। पंचायत में भाकियू प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के पास समय है। मोर्चा जब तक अंतिम फैसला करें, तब तक समझौता कर लें। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हमें राजनीति से मतलब नहीं है, जिसकी जहां मर्जी, वहीं वोट दे लेना। आंदोलन में सब एक रहो।
किसान भवन पर टिकैत ने कहा कि सरकार से हम नहीं, संयुक्त किसान मोर्चा बात करेगा। सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा को तोड़ने का काम किया है। पंजाब में तीन मोर्चे बना दिए गए। पंजाब में एसकेएम की कॉल नहीं थी, लेकिन हम किसानों के साथ हैं। सरकार डराने का काम करेगी तो किसान डरेगा नहीं। किसान शहीद होने की बात करेगा, जमीन बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ेगा। टिकैत ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री कहते हैं कि ट्रैक्टर नहीं आने देंगे। सरकार जान लें कि हरियाणा के मुख्यमंत्री की छाती पर ट्रैक्टर चलेगा। सरकार अगर 400 से पार की बात करती है तो चुनाव की क्या है जरूरत है, नवीनीकरण करा लो।
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