संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कायाकल्प पियर असेसमेंट के लिए स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय पहुंची स्टेट टीम ने विभिन्न बिंदुओं पर जांच की। टीम के सदस्यों ने आपातकालीन कक्ष में रखे डस्ट बिन को खुलवाकर बायोवेस्ट के निस्तारण की प्रक्रिया को गंभीरता से देखा। जबकि ओटी में जाकर इंफेक्शन कंट्रोल की पड़ताल की। जिला चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई का भी बारीकी से आकलन किया गया।
मरीजों को मिलने वाली सुविधा के साथ ही आठ बिंदुओं पर रखरखाव की जांच के लिए कायाकल्प पियर असेसमेंट 2026-27 के लिए प्रदेश स्तर से गठित दो चिकित्सकों की टीम शनिवार को जिला चिकित्सालय पहुंची। टीम में शामिल जिला महिला चिकित्सालय सहारनपुर की प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. गुरमीत कौर और डिविजनल कंसल्टेंट मेरठ डॉ.स्वाति अहलावत ने सबसे पहले सीएमएस डॉ. संजय वर्मा से अस्पताल के रखरखाव के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
उसके पश्चात आपातकालीन विभाग के नोडल अधिकारी डॉ.बाबूराम, कायाकल्प नोडल अनिल कुमार के साथ उन्होंने जिला चिकित्सालय के बाहर की व्यवस्था का आकलन किया। आपातकालीन कक्ष में स्टरलाइजेशन व्यवस्था और बायोवेस्ट के निस्तारण के लिए रखे गए डस्ट बिन को भी खुलवाकर देखा।
जिला गुणवत्ता परामर्शदाता डॉ.इस्तेखार से उन्होंने जिला चिकित्सालय से संबंधित विभिन्न प्रश्न किए। उन्होंने बताया कि टीम ने सपोर्ट सर्विस, हाईजीन प्रमोशन, बियोंड दि बाउंड्री और जिला चिकित्सालय के पर्यावरण से संबंधी व्यवस्थाओं का आकलन किया। इस दौरान फार्मासिस्ट हारुन अली, निसार अली शामिल रहे।
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पियर असेसमेंट में 70 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य
जिला गुणवत्ता परामर्शदाता डॉ.इस्तेखार ने बताया कि कायाकल्प फाइनल असेसमेंट के लिए पियर असेसमेंट में 70 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण उपरांत स्टेट टीम जिला चिकित्सालय को अंक प्रदान करेगी। 70 प्रतिशत से अधिक अंक आने पर ही कायाकल्प का फाइनल असेसमेंट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी एन्क्वास एक्सटर्नल असेसमेंट भी होना बाकी है।