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जमीनों के सौदे में बड़े अपराधियों का दखल

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जमीनों के सौदे में बड़े अपराधियों का दखल
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मुजफ्फरनगर। कानपुर की घटना के बाद बड़े बदमाशों के खिलाफ पुलिस के कड़े तेवर जरूर दिख रहे हैं, लेकिन उनकी गतिविधियों पर नकेल कसना चुनौती होगा। दशकों से जुर्म का साम्राज्य खड़ा कर चुके सुशील उर्फ मूंछ तथा संजीव जीवा का वेस्ट यूपी और उत्तराखंड की विवादित संपत्तियों में अच्छा-खासा हस्तक्षेप बरकरार है।
मूंछ फिलहाल कानपुर जेल में है, जबकि पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा भुगत रहा संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा लखनऊ कारागार में है। इनसे अंदरूनी तौर पर कई सफेदपोश तथा प्रॉपर्टी डीलर भी जुड़े हैं। शहरों और हाइवे की जमीनों में जहां भी भू स्वामित्व को लेकर कोई पेंच दिखता है। शातिरों के गुर्गे अड़ंगा फंसा देते हैं। करीब दो साल पहले भोपा रोड पर गांधी पॉलिटेक्निक के सामने करोड़ों की भूमि को लेकर नई मंडी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें एक बड़े अपराधी का दखल था। अंत में समझौते के बाद ही जमीन बिकी और करोड़ों की बंदरबाट हो पाई। डेढ़ साल पहले भी शहर कोतवाली में सुुुशील मूंछ के खिलाफ प्रॉपर्टी के एक मामले में 120 बी का मुकदमा दर्ज हुआ था। मूंछ और जीवा गैंग सिर्फ मुजफ्फरनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि रुड़की, हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश तक इनका प्रॉपर्टी का धंधा फैला है।
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कोट...
- खौफ के दम पर प्रॉपर्टी के धंधे में सक्रिय सभी गैंग को चिह्नित किया जा रहा है। जमीन और कॉमर्शियल शाप की संपत्तियों पर बदमाशों का यदि गैरकानूनी कब्जा है, तो तत्काल गोपनीय तरीके से मुझे मामले से अवगत कराएं। सूचना देने वालों को भी गोपनीय रखा जाएगा। उसके शिकायत पर पुलिस प्रभावी कार्रवाई करेगी। - अभिषेक यादव, एसएसपी
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