मुजफ्फरनगर। दस साल पुराने ट्रैक्टरों के संचालन पर पाबंदी के विरोध में मंगलवार को भाकियू ने शहर को चौतरफा जाम कर दिया। पुराने ट्रैक्टरों को कलक्ट्रेट के सभी मार्गों पर खड़े कर अफसरों को उनके कार्यालयों में ही कैद कर दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने कलक्ट्रेट का घेराव कर धरना, प्रदर्शन किया। डीएम और एससपी ने किसानों के बीच पहुंचकर शासन की उनकी समस्या से अवगत कराने और निराकरण कराने का आश्वासन दिया। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की मांग नहीं मानी गई तो इस पर हाइवे जाम होगा।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा एनसीआर में शामिल जनपदों में दस वर्ष पुराने वाहनों के संचालन पर रोक लगाए जाने पर पुलिस प्रशासन द्वारा पुराने ट्रैक्टरों के खिलाफ हो रही कार्रवाई से क्षुब्ध भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट का घेराव किया। मंगलवार को जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में जिलेभर से किसान और कार्यकर्ता अपने ट्रैक्टरों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे और कचहरी के दोनों मार्गों पर ट्रैक्टर खड़े करते हुए कलक्ट्रेट का जबरदस्त घेराव किया।
डीएम कार्यालय पर किसानों ने धरना प्रारंभ किया। महावीर चौक से लेकर डीएम ऑफिस तक और झांसी की रानी से लेकर एसएसपी ऑफिस तक ट्रैक्टरों का जमावड़ा हो गया। शहर चौतरफा जाम हो गया। इसी बीच डीएम राजीव शर्मा और एसएसपी अनंत देव की गाड़ी भी उनके ऑफिस के बाहर ही फंस गई।
भाकियू के इस आंदोलन में अफसर अपने दफ्तर में ही कैद हो गए। दो बजे एसएसपी अपने दफ्तर से डीएम के दफ्तर पर पहुंच गए। चार बजे तक दोनों अफसर आपस में वार्तालाप करते रहे। एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने भाकियू नेताओं से बात की। इसके बाद डीएम और एसएसपी धरना स्थल पर किसानों के बीच पहुंचे।
भाकियू नेताओं ने प्रधानमंत्री के नाम दस सूत्रीय मांग पत्र डीएम राजीव शर्मा को सौंपा। डीएम ने किसानों को शासन से बात कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की मांग पूरी नहीं हुई तो वह हाइवे जाम करेंगे।
भाकियू ने डॉ स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू कर लाभकारी मूल्य दिलाने, एनजीटी द्वारा एनसीआर में दस वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर लगायी गयी पाबंदी हटाने, गेहूं किसानों को 200 रुपये प्रति कुंतल बोनस देने, हाईवे के मुआवजा प्रकरण हल कराने, गन्ना किसानों को बकाया भुगतान कराने, किसानों को शुगर मिल से पर्याप्त पर्ची दिलाने, बिजली दरों में की गयी वृद्धि को वापस लेने की मांग की गयी हैं।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से राकेश टिकैत, जिला राजू अहलावत,चौधरी चंद्रपाल फौजी, पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारूकी, संजीव तोमर, ओमपाल मलिक, नवीन राठी, शाहिद आलम, अशोक बालियान, अशोक घटायन, विकास शर्मा, अंकित चौधरी, आबिद, राजू पीनना, योगेन्द्र सिंह, नीरज पहलवान, धीरज लाटियान, विपिन, योगेश शर्मा, कपिल सोम, संजय त्यागी, अजय त्यागी, बिट्टू, वीरेंद्र सिंह, हरिओम चौधरी, अर्जुन, ओमपाल, सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
ट्रैक्टरों के लिए अनुदान जारी करे सरकार
मुजफ्फरनगर। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि गंगा सफाई के लिए केंद्र सरकार ने 22 हजार करोड़ का पैकेज दिया है, इसी तरह किसानों के दस साल पुराने ट्रैक्टरों, उनके पंपिंग सेट, पुरानी घास कटाई मशीन का पैसा भी सरकार दे। एनजीटी के आदेश में संशोधन नहीं हुआ तो यह पुलिस के भ्रष्टाचार का बड़ा माध्यम बन जाएगा। कानून में संशोधन जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिजली के बिलों में छूट नहीं दी जा रही है। किसान पैसा जमा करना चाहता है छूट का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी मुख्यमंत्री की सोच को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री सही है उन्हें कुछ नहीं चाहिए। डार्क जोन में ट्यूबवेल कनेक्शन देने और मिट्टी की खुदाई से प्रतिबंध हटाकर उन्होंने बड़ा काम किया। बिजली की पावर घटा दे और बढे़ रेट पचास की जगह 25 कर दे तो किसान इसी में खुश हो जाएगा।
नहीं खरीदा तो खड़े गन्ने का पैसा देगा मिल: डीएम
मुजफ्फरनगर। किसानों के बीच डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि जब तक खेतों में गन्ना है चीनी मिले चलेंगी। सभी किसानों का गन्ना खरीदा जाएगा। नहीं खरीदा तो खेत में खड़े गन्ने का पैसा मिल को देना पड़ेगा। शासन किसानों की समस्याओं के निराकरण को लेकर गंभीर है। एनजीटी के आदेश की आड़ में किसी भी किसान का शोषण नहीं होगा। सरकार लागत का डेढ़ गुना देने के लिए संकल्पित है। मिट्टी को लेकर नोटिफिकेशन हो गया है।