खतौली क्षेत्र में रेलवे की भूमि अधिग्रहण में किसानों का मुआवजा तय करने के लिए भाकियू रेल विभाग को दिया गया समय बुधवार को समाप्त हो गया। इस मामले को लेकर रेलवे अधिकारियों ने भैंसी पहुंच कर भाकियू जिलाध्यक्ष से वार्ता कर बताया कि जनपद में चार ग्रामों का मुआवजा तय हो चुका है।
जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि मुआवजा किसानों के बीच बैठ कर ही तय होगा। ऐसा न होने पर इस बार लंबे समय तक कार्य बंद रखा जाएगा तथा किसान रेल की पटरी को उखाड़ देंगे।
रेल विभाग ने फ्रेट कारीडोर को दोहरीकरण के लिए जनपद में किसानों की करीब 11 लाख मीटर भूमि को अधिग्रहण किया है। भूमि का मुआवजा तय करने को लेकर पिछले दिनों भाकियू ने मंसूरपुर तथा खतौली क्षेत्र में रेलवे का कार्य ठप कर कर्मचारियों को बंधक बनाकर कार्य में लगी मशीनों को कब्जे में ले लिया था।
इस मामले को लेकर अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। बुधवार को मुआवजा तय करने का समय समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने भाकियू कार्यकर्ताओं से वार्ता कर बताया कि एक टीम को जिला मुख्यालय पर ही बैठा दिया गया है। जिलाध्यक्ष ने चेताया कि मुआवजा सरकारी रेट का चार गुना होना चाहिए तथा किसानों के बीच बैठ कर ही मुआवजा तय हो। ऐसा न होने पर उन्होंने लंबे समय तक रेलवे विभाग का कार्य ठप करने तथा रेल पटरी उखाड़ने की चेतावनी दी।