डीएम से शिकायत करने पहुंची छात्राएं।
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लखनऊ विश्वविद्यालय की काउंसिलिंग से कॉलेजों में शून्य फीस पर बीएड में एडमिशन लेने वाले छात्र-छात्राओं की टेंशन बढ़ गई है। कॉलेजों ने ऐसे छात्रों को फरमान जारी कर फीस जमा कराने को कहा है। फीस न देने पर परीक्षा से रोकने की चेतावनी दी गई है। मामले को लेकर दर्जनों छात्राओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर समाज कल्याण पर छात्रवृत्ति नहीं देने का आरोप लगाया है।
सत्र 2016-18 के दो वर्षीय बीएड कोर्स में लखनऊ विवि ने काउंसिलिंग कराकर कॉलेजों को छात्र-छात्राएं मुहैया कराए। बीएड कोर्स में अधिकांश छात्र-छात्राओं के एडमिशन शून्य फीस पर हुए हैं। जिनकी फीस प्रदेश सरकार द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से कॉलेजों को दी जानी है। अभी तक भी समाज कल्याण विभाग से छात्र-छात्राओं की फीस नहीं आ सकी है।
सोमवार को एमआईटी के छात्र-छात्राओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि उनका एडमिशन शून्य फीस पर हुआ है। समाज कल्याण विभाग द्वारा उनके प्रवेश का सत्यापन भी कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक भी छात्रवृत्ति नहीं दी गई। अब कॉलेज प्रशासन उनसे फीस मांग रहा है। फीस न देने पर परीक्षा में नहीं बैठने देने की धमकी दी जा रही है। छात्राओं ने समाज कल्याण विभाग पर जानबूझकर परेशान करने के आरोप लगाए हैं। आक्रोशित छात्राओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान संगीता, अनुराधा, संदीप, नरेंद्र, अलका, सोनी, बबीता, अनु, नीलम आदि मौजूद रहे।