रामराज स्थित धान मंडी में धान तोलते मजदूर
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किसानों को झटका : मोटे धान के भाव बिक रहा बासमती
मीरापुर/मुजफ्फरनगर। बासमती धान के किसानों को इस बार नुकसान झेलना पड़ेगा। बाजार में बासमती धान मोटे धान के रेट पर बिक रहा है। जो पिछले वर्ष की अपेक्षा लगभग पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल कम है।
शहर के नवीन मंडी स्थल और रामराज की मंडी में इस बार बासमती का रेट काफी कम रह गया है। बाजार में हमेशा बासमती चावल की डिमांड रहती है। मोटा धान का रेट सरकार ने 1868 रुपये क्विंटल घोषित किया है। सरकारी खरीद एक अक्तूबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगी। सरकार ने कॉमन धान यानी बासमती आदि का मूल्य 1888 घोषित किया है। प्रति वर्ष बासमती का रेट मोटे धान से पांच सौ से लेकर एक हजार रुपये क्विंटल तक अधिक हो जाता था। पहली बार ऐसा हो रहा है कि बाजार में मोटा धान के सरकारी रेट के बराबर बासमती का रेट हो गया है। मंडियों में किसानों को बासमती का रेट 1900 से लेकर 2000 तक ही मिल पा रहा है। मंडी में धान बेचने आए किसान राजेश का कहना है कि यही धान पिछले वर्ष उसने 2400 रुपये प्रति क्विंटल में बेचा था जो इस बार 1900 बेचना पड़ रहा है। किसान इस्लामुदीन कहते हैं कि पिछले साल उसकी बासमती 2500 रुपये प्रति क्विंटल बिकी है। जो लोग हरियाणा के करनाल बेचकर आए थे उनकी 2700 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक गई थी।
रामराज स्थित धान मंडी में हरियाणा, पंजाब के व्यापारी धान की खरीदारी करने आते है। कुछ मल्टीनेशनल कंपनियां किसानों से कांट्रेक्ट के आधार पर धान खरीदती है। मंडी में धान की खरीदारी करने के लिये अन्य राज्यों से व्यापारी आना शुरू हो गए है। धान के व्यापारी राजीव छाबड़ा ने बताया कि पिछले वर्ष से कम ही धान अभी मंडी में आ रही है। मंडी में इस वर्ष बासमती धान 1970 से 2000 प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। जो पिछले वर्ष 2400 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था।
एक अक्तूबर से होगी खरीद
मुजफ्फनगर। जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह ने बताया कि एक अक्तूबर से 31 जनवरी तक धान की खरीद होगी। जिले में सात स्थानों पर धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने इस बार मोटा धान का मूल्य 1868 रुपये प्रति क्विंटल और कॉमन धान का 1888 रुपये तय किया है।