मुजफ्फरनगर। अदालत ने किसानों के नलकूपों से ट्रांसफार्मर का तार एवं अन्य उपकरण चुराने के मामले में नौ आरोपियों की जमानत खारिज कर दी। मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर जिले के संगठित गिरोह के सदस्यों पर बिजली संबंधी सामान की चोरी की घटना को अंजाम देने का आरोप है। सभी आरोपी जेल में बंद है।
चार अक्तूबर की रात में पुरकाजी थाना क्षेत्र के कम्हेड़ा के जंगल फीड़र गांव खाईखेड़ी के किसान मामचंद के निजी नलकूप से 25 केवीए का ट्रांसफार्मर (परिवर्तक) गिराकर चोरी कर लिया था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियाें के कब्जे से 5.40 क्विंटल तांबे की कॉइल, तीन किलो तांबे का तार, दो लोहे की छड़ आदि सामान बरामद किया था।
न्यायालय कोर्ट संख्या-4 के पीठासीन अधिकारी कनिष्क कुमार सिंह ने सुनवाई के बाद आरोपियों के अपराध को गंभीर मानते हुए बिना गुण दोष पर राय जाहिर करते हुए जमानत अर्जियां निरस्त कर दी। लोनी के गांव गवाली खेड़ा निवासी साबूदीन, लोनी के अशोक विहार निवासी महताब, लोनी के मुस्तफाबाद निवासी इरशाद, तितावी थाना क्षेत्र के मांडी निवासी अरमान, बघरा निवासी राहुल एवं दीपक, जिला मेरठ के परीक्षितगढ़ निवासी इरफान, बागपत के थाना चांदीनगर के गांव गौना निवासी फजरू उर्फ चांद और अफसरून की जमानत नहीं मिली। अपर सत्र अदालत ने माना कि बिजली प्रवर्तकों के अंदर का सामान चुराने का संगठित गिरोह है। जो संगठित होकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। इससे आमजन और किसानों को अत्यधिक परेशानी उठानी पड़ती है।