मुजफ्फरनगर। अदालत में किसान के नौकर के धर्मांतरण कराने के प्रयास में पकड़े गए चारों आरोपियों को जमानत देने से इन्कार कर दिया। अपर सिविल जज (जूडि)/ न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-1 की पीठासीन अधिकारी अनिष्का चौधरी ने सुनवाई की।
घटना भोपा थाना क्षेत्र की है। धर्म परिवर्तन के प्रयास का वीडियो वायरल होने के बाद 19 अप्रैल को उप निरीक्षक ने चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मुख्य आरोपी भोपा के गावं सीकरी निवासी अफसर और सलमान, जानसठ के चितोड़ा निवासी दानिश और सिखेड़ा के बिहारी निवासी अनस को गंभीर धाराओं में नामजद किया गया।
पुलिस ने किसान अफसर को गिरफ्तार कर चालान किया था। वहीं, पीड़ित के बयान दर्ज कराने के बाद बाकी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया गया। बचाव पक्ष ने जमानत अर्जियां दाखिल की। पीठासीन अधिकारी ने अपराध गंभीर एवं सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय होने के कारण चारों की जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया।
ये था मामला
सीकरी के किसान अफसर अली के घर पर करीब 15 साल से नौकर राकेश शर्मा काम कर रहा था। आरोप है कि नौकर को प्रलोभन देकर भोकरहेड़ी की मस्जिद में नमाज पढ़वाकर धर्मांतरण कराने का प्रयास किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी। इस प्रकरण में चार आरोपी नामजद किए गए।
हिंदू संगठनों के विरोध के बाद कार्रवाई
बघरा आश्रम के संचालक स्वामी यशवीर, क्रांति सेना के जिलाध्यक्ष मुकेश त्यागी एवं महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने पुलिस अफसरों से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई थी। वहीं भाकियू नेता धीरज लाटियान ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया था।