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Muzaffarnagar News: भड़काऊ वीडियो वायरल के मामले में पांच की जमानत खारिज

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मुजफ्फरनगर। अदालत ने पाकिस्तान के नरंसहार का कथित वीडियो वायरल कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश के पांच आरोपियों की जमानत खारिज कर दी। प्रभारी सेशन जज रविकांत ने सुनवाई के बाद पांच जमानत प्रार्थना पत्रों का अलग-अलग आदेश पारित किया।
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21 जुलाई को ककरौली थाना क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान दूसरे सोमवार को आरोपियों ने विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में नरसंहार का भड़काऊ वीडियो वायरल कर दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रची गई थी। पुलिस ने मामला संज्ञान में आने पर कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पीठासीन अधिकारी ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बुढ़ाना क्षेत्र के जौला निवासी सलीम पुत्र युसूफ, बागपत के थाना बड़ौत के छपरौली चुंगी निवासी सलीम, मेरठ जनपद के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के ईदगाह कॉलोनी खड़ौली निवासी अय्यूब, कोतवाली के मिमलाना रोड रामलीला टिल्ला निवासी सालिक और रतनपुरी थाना क्षेत्र के भनवाड़ा निवासी जावेद को जमानत देने से इन्कार कर दिया। फुरकान की जमानत पूर्व में निरस्त हाे चुकी है। फिलहाल आरोपी कारागार में निरुद्ध हैं।
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अदालत ने माना गंभीर अपराध

अभियोजन पक्ष ने तर्क रखा सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली कथित वीडियो किसी व्यक्ति को विचलित कर सांप्रदायिकता भड़का सकता है। इससे दो समुदायों के बीच भयंकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अदालत ने अपराध गंभीर प्रवृति का पाते हुए सभी की जमानत खारिज कर दी।

यह था मामला

कांवड़ यात्रा के दौरान जिले की साइबर क्राइम पुलिस और एटीएस मोबाइल पर व्हाट्सअप ग्रुपों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान 21 जुलाई में ककरौली पुलिस को दो वर्गों के बीच माहौल खराब करने की साजिश रचने वाले विवादित वीडियो वायरल की जानकारी मिली। यह कथित वीडियो मुरादाबाद की बताकर व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल किया गया जबकि वीडियो पाकिस्तान का था। जांच के बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके मोबाइल फोनों के व्हाट्सअप ग्रुपों की जांच कराई। भड़काऊ वीडियो अनेक ग्रुपों के साझा किया गया, जो देश भर के हजारों लोगों तक पहुंचा।
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