मुजफ्फरनगर। सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता आरके गोयल से डिजिटल अरेस्ट कर ठगी के मामले में आरोपी दीपक जाखड़ की जमानत अर्जी निरस्त हो गई। साउथ सिविल लाइन निवासी सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता को कई दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 33 लाख रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने राजस्थान के श्रीगंगानगर के गांव सोपुरा निवासी आरोपी को 26 सितंबर को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था।
बचाव पक्ष की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई। अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट संख्या-1 न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका नेहल ने सुनवाई के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए अर्जी निरस्त कर दी आरोपी दीपक जाखड़ साइबर ठग गिरोह के लिए जरूरतमंद लोगों से खाते खरीदता था। उन्हें आठ या दस हजार रुपये दे देता था जबकि उसे 15 हजार रुपये मिलते थे। वह सूरतगढ़ के रहने वाल राहुल भांभू के लिए काम करता था। पुलिस को आरोपी से पांच खातों की किट मिली है। इन खातों से सात करोड़ 98 लाख 33 हजार रुपये का लेनदेन हुआ था।