कृषि विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र के धान किसानों की बदहाली का संकट खड़ा हो गया है। खण्ड विकास कार्यालय परिसर में स्थित राजकीय बीज गोदाम द्वारा किसानों को बेचे गए खराब बीज के कारण सैकड़ों बीघा धान की खड़ी फसल सूख गई है। महंगी लागत के साथ उगाई गई फसल के बर्बाद होने से किसानों में सरकार के प्रति रोष व्याप्त है।
किसानों ने सहायक कृषि अधिकारी मोरना, जिला कृषि अधिकारी, कृषि उपनिदेशक से बर्बाद फसल के बारे में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री से फसल के मुआवजे की गुहार लगाई है। विकास खंड मोरना क्षेत्र के ग्राम छछरौली के जंगल में शुक्रताल मार्ग के आसपास खेती कर रहे किसान चौधरी ब्रजवीर सिंह पुत्र छांगे सिंह ने बताया कि बीते जून माह में सुक्रमपाल, कुलदीप, धर्मसिंह व अन्य किसानों ने राजकीय बीज भंडार मोरना से 43.35 रुपये प्रति किलो की दर से पीबी 6 प्रजाति का धान का बीज खरीदकर अपने खेतों में बोया था। अच्छी लागत लगाकर किसानों ने धान की फसल को उगाया। फसल बड़ी हो जाने पर वह स्वत: ही सूखने लगी। बार-बार कीटनाशकों का प्रयोग करने के बावजूद रोग का निदान नहीं हो पाया।
विशेषज्ञों ने बीज में जैनेटिक खराबी बताई। जिसके चलते क्षेत्र में खड़ी सैकड़ों बीघा धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। जिला कृषि अधिकारी यशवीर सिंह तेवतिया का फोन रिसीव नहीं हो पाया। भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि किसान की फसल बुवाई में बीज की धांधली को लेकर किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ जिलाधिकारी गौरीशंकर प्रियदर्शी से मिलकर मामले की जानकारी देगा और जो भी खराब बीज वितरण में दोषी पाया जाएगा, भाकियू उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए धरना प्रदर्शन करेगी।