मुजफ्फरनगर। बाबूजी...आक्सीजन सिलिंडर दे दो...मेरे अब्बा को बचा लो, आपका अहसान होगा...हाथ जोड़ कर इतना कहते हुए कैराना का रिजवान बिलख पड़ा। भारत आक्सीजन कंपनी के मालिक राधेश्याम विश्वकर्मा ने उसे दिलासा दिया और पूरी बात जानी।
कैराना से आक्सीजन सिलिंडर लेने आए रिजवान ने बताया कि उसके अब्बा घर में ही आइसोलेट हैं। आक्सीजन कम हो रही है। शामली में कही सिलिंडर नहीं मिला तो जानकारी करने पर किसी ने आपका पता बताया, बड़ी आस लेकर मैं यहां आपके पास आया हूं। राधेश्याम विश्वकर्मा ने उसे पानी पिलवाया और सिलिंडर का इंतजाम कर देने का आश्वासन दिया, तब रिजवान के चेहरे पर कुछ राहत दिखाई दी। उसने हाथ जोड़कर दुआ दी।
चौधरी चरण सिंह मार्केट स्थित उनकी दुकान पर ऐसे ही लोग पहुंच रहे हैं। रिजवान को सिलिंडर देने का आश्वासन देकर राधेश्याम मुडे़ तो पीछे सिलिंडर लेकर खड़े बरला निवासी आमिर ने भी गुहार लगाई, कहा कि मां जन्नती बुखार से पीड़ित हैं, हालत खराब है, आप सिलिंडर दे दोगे तो जान बच जाएगी। उन्होंने उसे भी सिलिंडर उपलब्ध कराया।
जनपद में कोरोना के सक्रिय मरीज पांच हजार से अधिक पहुंच गए हैं। इनमें से 4700 मरीज होम आइसोलेट हैं। आक्सीजन के लिए मारामारी मची है। जिले में आक्सीजन की कमी नहीं है, मगर सिलिंडर कम पड़ रहे हैं। राधेश्याम बताते है कि रोजाना 100 से 120 तक सिलिंडरों की आपूर्ति हो रही है। प्रयास यही रहता है कि कोई निराश न लौटे। अंसारी रोड स्थित रामा गैसेस, प्रकाश चौक पर स्थित कुमार गैसेज सभी जगहों पर ये ही हाल है। लोग आक्सीजन सिलिंडर के लिए भागे फिर रहे है।