जन अधिकार मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि बसपा अपने उद्देश्य से भटक गई है। अति पिछड़ों और समाज में वंचितों को महत्व दिए जाने के कारण ही उन पर कार्रवाई हुई। कहा कि सीएमओ हत्याकांड में मुझसे चुप रहने के लिए कहा गया। मैं हत्या के खुलासे की मांग कर रहा था।
पंजाबी बारात घर में जन अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं से कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में अति पिछड़े, अति दलित, अल्पसंख्यकों की हालत आज भी अच्छी नहीं है। बसपा में 32 साल काम किया, लेकिन पार्टी अब रास्ता भटक गई है। मिशन गायब हो गया है। बसपा की तीन बार सरकार आई पर वंचितों, दलितों, अति पिछड़ो को कुछ नहीं मिला।
कहा, जब हमने हस्तक्षेप कर सामान्य कार्यकर्ताओं को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाया, सहकारी बैंक के चेयरमैन बनवाए। एमएलसी के सीधे चुनावों में अवसर दिया तो कुछ लोगों को परेशानी हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश रची गई, दो सीएमओ की हत्या करा दी गई। खुलासे की मांग की तो मुझे चुप रहने के लिए कहा गया। विभाग का मामला होने के कारण मैं हत्याओं के खुलासे में लगा तो मुझे साजिशन घोटाले में फंसा दिया।
बेगुनाह होने के बाद भी चार साल तक जेल में डाले रखा। कुशवाहा ने कहा कि समाज के लोगों ने बुरे वक्त में मेरा हौसला बढ़ाया। मैं टूटा नहीं और मजबूत होकर बाहर आया हूं। अति पिछड़ों, अति दलितों, वंचितों, शोषितों, अल्पसंख्यकों को उनके हक दिलाने के लिए संघर्ष करूंगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवचरण सैनी, संचालन सुभाष सैनी ने किया। इस दौरान पश्चिम प्रभारी इरफान अहमद, राम स्नेही, एमआर सैनी, जिलाध्यक्ष राजवीर सैनी, अजय सैनी, राजेंद्र पाल, दिलशाद, अबरार, इमरान, लुकमान, फतेह मोहम्मद, सुखराम सैनी, तेजपाल सैनी, प्रमोद सैनी, डॉ. सुनील सैनी आदि मौजूद रहे। स्स्