खतौली। चौधरी हरबंश सिंह कन्या डिग्री कालेज में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय शिविर के दूसरे दिन स्वयं सेविकाओं ने सार्वजनिक स्थानों पर जाकर ग्रामीणों को प्रदूषण के प्रति जागरूक किया।
मंगलवार को शिविर का शुभारंभ प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. यशपाल ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। प्रथम सत्र में दूसरे दिन स्वयं सेविकाओं ने पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए जागरूक रैली निकाली। उन्होंने रैली के माध्यम से ग्रामवासियों को पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जागरूक किया। इसके बाद कालेज में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्या डॉ. मधु शर्मा तथा शिक्षिका सीमा तोमर ने पर्यावरण प्रदूषण से होने वाली हानियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम अधिकारी संतरेश ने कहा कि प्रदूषण का अर्थ है प्राकृतिक संतुलन में दोष पैदा होना, न शुद्ध वायु मिलना, न शुद्ध जल मिलना, न शुद्ध खाद्य मिलना, न शांत वातावरण मिलना। स्वयं सेविका शमा शहजाद ने ध्वनि प्रदूषण पर अपने विचार व्यक्त किए। स्वयं सेविकाओं में बबली, शिखा, ज्योति, दिव्य आदि ने विभिन्न प्रकारों पर अपने विचार व्यक्त किए।
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जागरूकता अभियान चलाया
खतौली। विद्योत्तमा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय गंगधाड़ी के सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर गांव सठेड़ी में चल रहा है। शिविर के दूसरे दिन स्वयं सेविकाओं ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को सशक्त होने के साथ साथ शिक्षित होना भी आवश्यक है, अगर देश की सभी नारी शिक्षित होगी, तभी देश व समाज उन्नति के पथ पर अग्रसर हो सकेगा। आधुनिक युग में महिलाएं पुरुषों से भी हर मुकाम पर बहुमुखी प्रतिभा में अपना योगदान दे रही है। बेटी ही जगत जननी है, उसके बिना संसार की उन्नति असंभव है। इसलिए बेटियों से ही विश्व कल्याण है। कार्यक्रम अधिकारी साधना सोम ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। शिविर में अरुणा सैनी, अंजली, श्वेता, सिखा तिवारी, शिवानी, अनसिखा, प्रीति, अंशिका, इंदू, शिफा, नेहा, स्वाति आदि रहे।