संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शेरनगर में बारिश के दौरान नहाते हुए पैर फिसलने पर तालाब में डूबे तीन वर्षीय अवि का चौथे दिन भी कुछ पता नहीं चला सका। चौथे दिन बीस मछुआरों की टीम ने तालाब में उतर कर बालक की तलाश की। ग्राम प्रधान ने बताया कि जिलाधिकारी के स्तर से पीड़ित परिवार के लिए चार लाख की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है।
तालाब में डूबे बालक अवि का शव बरामद करने के लिए सिंचाई विभाग की पोकलेन मशीन, रुड़की की गोताखोर टीम, हापुड़ से आई फ्लड टीम ने तालाब में बालक को खूब तलाशा। ग्रामीणों ने भी बालक को बरामद कराए जाने की मांग को लेकर पानीपत- खटीमा हाईवे पर जाम लगाया।
सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी पहुंच कर परिजनों को ढांढस बंधाया। बालक को तलाशने में जुटी टीमों को गंभीरता से काम करने को कहा है।
तीन दिन तलाश में बीत गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। सभी टीम वापस लौट गईं। चौथे दिन बुधवार को प्रधान ने बीस मछुआरों की टीम को तालाब में उतारा। बुधवार शाम तक सफलता नहीं मिली।
प्रधान इकराम अंसारी ने बताया कि बालक को तलाशने के लिए आई सभी टीम वापस लौट गई हैं। अब उन्होंने मछुआरों को लगाया है। सफाई के बाद तालाब का पानी भी निकाला जाएगा। आर्थिक सहायता दिलाने के लिए डीएम स्तर से उन्होंने चार लाख रुपये मंजूर किए हैं। पीड़ित परिवार की ओर भी आर्थिक मद्द कराई जाएगी।
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यह था मामला-
रविवार को सुबह मूसलाधार बारिश हुई थी। इस दाैरान नई मंडी कोतवाली के गांव शेरनगर में राहुल का तीन वर्षीय बेटा अवि बारिश में नहाते समय पैर फिसलने से नाले में बह गया था। नाले का पानी गांव के तालाब में जाता है, इसके चलते बालक को उसी दिन से तालाब में तलाशा जा रहा है। चार दिन बीतने पर भी कोई सुराग नहीं मिला है।