मुजफ्फरनगर। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के नाम से साइबर अपराधियों ने एक ट्रेवल्स कंपनी के संचालक मोहम्मद शाहिद के साथ फ्लाइट का टिकट बुक कराने के नाम पर ठगी करने का प्रयास किया। सतर्कता के चलते संचालक ठगी से बच गया।
घास मंडी में एक ट्रेवल्स के संचालक मोहम्मद शाहिद ने बताया कि उनके पास 17 अगस्त को मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल का निजी सहायक बताया। कहा कि मंत्री उनसे बात करेंगे। उसने एक व्यक्ति से बात कराई तो उसने खुद को राज्यमंत्री बता कर बातचीत की।
उसने अपने एक परिचित के लिए लखनऊ से चंडीगढ़ की 18 अगस्त की एक फ्लाइट का टिकट बुक करने को कहा। वहीं कॉल करने वाले ने अपना नाम आदिल्य पटेल बताया। यात्रा करने वाले को वीआईपी व पार्टी से जुड़ा होना बताया
संदेह होने पर पीड़ित ने कुछ समय बाद संपर्क करने को कहा। उसने कॉल करने वाले से यात्री का आईडी प्रूफ मांगा। पहले तो आनाकानी की गई। बाद में व्हाट्सएप पर भलिंद्र पाल सिंह नाम के एक व्यक्ति का आधार कार्ड भेजा। जब आधार कार्ड के बारे में मंत्री से बात करने की बात कही गई तो कॉल काट दी गई। व्हाट्सएप पर भेजा आईडी प्रूफ भी व्हाट्सएप से डिलीट कर दिया। इसके बाद मोबाइल बंद कर दिया गया।
पीड़ित ने बताया कि आरोपी के ट्रू- कॉलर पर एमएलए व कॉल करने पर भलिंद्र पाल सिंह मोबाइल पर लिखा आया था। उन्होंने डीजीपी, एसएसपी मुजफ्फरनगर काे मेल पर शिकायत भेजते हुए ट्विटर पर भी शिकायत की। डीजीपी कार्यालय ने एसएसपी कार्यालय को कार्रवाई के आदेश दिए हैं। ट्विटर पर भी पुलिस की ओर से कार्रवाई किए जाने का जवाब मिला है।
मेरा कोई संबंध नहीं
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि इस मामले में शिकायत मिली थी। उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
जांच शुरू कराई है-
एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि इस मामले की जांच व कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।