मुजफ्फरनगर। छह साल पहले बुढ़ाना थाना क्षेत्र के मिंडकाली गांव में बागपत के वाजिदपुर गांव निवासी प्रशांत की हत्या के मामले में आरोपी अनिल धनपत को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। हत्या में फैसले को लेकर वारदात अंजाम देने का आरोप लगाया गया था। धनपत को नैनी जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
वारदात 22 मई 2020 की रात मिंडकाली के जंगल में हुई। लखनऊ में हुई लविश की हत्या के प्रकरण को लेकर दो गुटों के के बीच फायरिंग हुई थी। पुलिस को प्रशांत का गोली लगा शव 23 मई को पड़ा मिला था। मृतक के पिता सतीश की ओर से बागपत के ककड़ीपुर निवासी अनिल धनपत और इटावा गांव के सौरभ उर्फ गोटी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
प्रकरण में घायल हुए सौरभ की भी दो दिन बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने अनिल धनपत के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-4 में मामले की सुनवाई हुई। नैनी जेल से लाए गए अनिल धनपत को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। धनपत पर 17 से अधिक प्राथमिकी दर्ज है।