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सखी स्टॉप सेंटर से समझौते के बाद विवाहिता को जिंदा जलाने का प्रयास

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देवबंद (सहारनपुर)। ससुरालियों की प्रताड़ना का शिकार बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए पिता दर दर की खाक छानने को मजबूर है, लेकिन उसकी बेटी को इंसाफ नहीं मिल रहा है। पीड़ित पिता का आरोप है कि महिलाओं के लिए खोला गया सखी स्टॉप सेंटर भी उसकी कोई मदद नहीं कर रहा है।
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लखनौती गांव निवासी ओमप्रकाश ने एसएसपी को भेजे पत्र में बताया कि 24 मई 2019 को उन्होंने बेटी कविता की शादी बीबीपुर गांव निवासी युवक के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही दामाद और उसके परिजन बेटी का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने लगे। इतना ही नहीं दामाद बेटी को मारपीट कर मायके में छोड़ गया था। ओमप्रकाश के मुताबिक गुहार लगाने पर उच्चाधिकारियों ने उसे सखी स्टॉप सेंटर भेज दिया। जहां से दोनों के बीच समझौता कराकर बेटी को लड़के वालों के साथ भेज दिया गया। आरोप है को 12 जुलाई को फिर से बेटी के साथ मारपीट की गई और उसे जिंदा जलाने की कोशिश भी की गई। जानकारी होने पर वह कुछ लोगों के साथ बेटी को लेने उसकी ससुराल पहुंचा तो उनके साथ भी मारपीट की गई। वह तभी से सखी स्टॉप सेंटर पर बेटी के ससुरालियों के विरुद्ध कार्रवाई कराने की गुहार लगा रहा है, लेकिन कार्रवाई करने के बजाए सेंटर इंचार्ज उसे इधर उधर चक्कर कटवा रहीं हैं, जबकि लिखित में समझौता कराने के बाद भी यदि अत्याचार बंद नहीं होता तो सेंटर की और से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाती है, लेकिन सखी सेंटर के लोग उसे बहाने बनाकर हर बार टरका देते हैं। ओमप्रकाश ने उच्चाधिकारियों से मामले में कार्रवाई कराने की गुहार लगाई है। वहीं, सखी सेंटर की मैनेजर सरिता सैनी का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर विवाहिता को पति के साथ भेज दिया गया था। अब दोनों पक्ष एक दूसरे के साथ मारपीट का आरोप लगा रहे हैं मामले की जांच कराई जाएगी। उधर, इंस्पेक्टर यज्ञदत्त शर्मा का कहना है कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट कर मामले को परामर्श केन्द्र में भेज दिया गया था। जहां से अभी रिपोर्ट नहीं हुई है। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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