मुजफ्फरनगर। 24 घंटे सेवा का दावा करने वाले अधिकांश एटीएम बंद ही रहते हैं। नकदी जरूरत पड़ी तो लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम पर भटकते रहते हैं, लेकिन उनसे कैश नहीं निकलता। शहर में अधिकांश एटीएम का बुरा हाल है। कुछ एटीएम के तो शटर ही गिरे रहते हैं, कुछ खुले भी हैं तो उनमें कैश नहीं रहता। इक्का दुक्का किसी एटीएम में कैश रहता भी तो वह कुछ ही घंटे में खत्म हो जाता। रविवार और अवकाश के दिन और भी बुरा हाल हो जाता है।
केंद्र सरकार ने नंवबर माह में नोटबंदी की थी। पुरानी करेंसी बंद होने से बैंकिंग व्यवस्था मंद पड़ गई। हालांकि धीरे-धीरे बैंकों में व्यवस्था पटरी लौट आई, लेकिन एटीएम अभी तक पूरी तरह से पटरी पर नहीं आए हैै। शहर में अधिकांश एटीएम कैशलेस पड़े है। जो नागरिकों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। रविवार को बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रहा तो एटीएम पर भी अवकाश रहा। सदर बाजार शहर का सबसे व्यस्त इलाका है। यहां पर व्यापारियों के साथ आम लोगों की आवाजाही अधिक है। इसके चलते पीएनबी, एसबीआई के साथ कई बैंकों के एटीएम है। जो रविवार बंद पड़े रहे। जबकि खुले थे उनमें कैश नहीं मिला। शिव चौक, अंसारी
रोड, शामली रोड़, सर्कुलर रोड पर राष्ट्रीय अधिकृत बैंकों के एटीएम भी नागरिकों को मुंह चिढ़ाते रहे।
लीड बैंक मैनेजर एसके जैन ने बताया कि रिजर्व बैंक से पर्याप्त रूप से कैश नहीं मिल रहा है। जिसके चलते पहले बैंकों में कैश की पूर्ति होती है, उसके बाद एटीएम में कैश रखा जाता है। कैश की किल्लत के कारण एटीएम खाली हैं। यही कारण है कि शहर में कई शाखाओं के एटीएम बंद है। किल्लत कब खत्म होगी, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता है।