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गांवों में खेलों का माहौल ही दिलाएगा पदक

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आदर्श गांव बहादरपुर खेडी विरान में कार्यक्रम को संबोधित करते एथलीट गोपाल सैनी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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गांवों में खेलों का माहौल ही दिलाएगा पदक
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मुजफ्फरनगर। एथलीट चयन समिति के सदस्य गोपाल सैनी ने कहा कि देश को पदक चाहिए, तो गांवों में खेलों का माहौल बनाना होगा। हर गांव में खेल के मैदान को विकसित करने की आवश्यकता है। अच्छे कोच की भी जरूरत है। कोच खिलाड़ियों को मन से सिखाएं, केवल नौकरी पूरी करने का काम न करें।
स्पोर्ट्स विलेज में बनाए गए गांव बहादरपुर व खेड़ी विरान में आयोजित समारोह में आए एथलीट चयन समिति के सदस्य गोपाल सैनी ने कहा कि देश में प्रतिभा की कमी नहीं है। टैलेंट को सामने कैसे लाया जाए इसको लेकर व्यापक स्तर पर अभी तक काम नहीं हुआ है। गांवों में छोटे बच्चों में ही खेल के प्रति माहौल बनाना होगा। यह माहौल तब बनेगा, जब खेलों की सुविधाएं गांवों में मुहैया होगी। सरकार को प्रत्येक गांव में खेलों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा। खेल के मैदान विकसित करने होंगे और इनमें अच्छे कोच रखने होंगे। कोच ऐसे हों जो कि बच्चों को मन से सिखाएं, केवल नौकरी के लिए खानापूर्ति न करें। उन्होंने कहा कि खेलों से युवाओं में राष्ट्रीय भावना का विकास होता है। सरकारी नौकरियों में खेल का कोटा अलग से है, इसमें रोजगार के अवसर भी हैं। आजादी के इतने लंबे समय बाद भी देश में अपेक्षा के अनुसार खेलों का माहौल नहीं बन पाया है। गांवों में परंपरागत खेल ही खत्म होते जा रहे हैं। गोपाल सैनी ने कहा कि वह अपने गुरु पूर्व नेशनल एथलेटिक्स कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त जोगिंदर सिंह सैनी के निधन से दुखी हैं। तीन दिन पूर्व उनका देहांत हुआ है।
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हमेशा नंगे पैर दौड़े गोपाल
मुजफ्फरनगर। राजस्थान एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष गोपाल सैनी केंद्र सरकार की द्रोणाचार्य कमेटी और देश की एथलेटिक्स चयन समिति के सदस्य हैं। वह एक मात्र ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जो दो बार एशिया महाद्वीप की टीम के कैप्टन रहे हैं और विश्व चैंपियनशिप में एशिया की टीम का नेतृत्व किया। 14 साल देश के चैंपियन रहे और हमेशा नंगे पैर ही दौड़े हैं। वह पहले भारतीय हैं, जिन्होंने 14 मिनट में पांच हजार मीटर की दौड़ पूरी की। आठ मिनट में तीन हजार मीटर दौड़ स्टीपल पूरी करने का रिकार्ड इन्हीं के नाम है। 15 साल की आयु में जयपुर से खेलों में पदार्पण करने वाले गोपाल 1975 में एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीत चुके हैं। 1980 में मास्कों में आयोजित ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। केंद्र सरकार के अर्जुन अवार्ड के साथ ही राजस्थान सहित बहुत से पुरस्कार उन्हें मिल चुके हैं।
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