मुजफ्फरनगर। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को पॉक्सो अदालत ने दोषी करार देते दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 22 हजार रुपये का जुर्माना किया है। कोर्ट ने जुर्माने में से 20 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेेश दिए हैं।
थाना चरथावल पर क्षेत्र के एक गांव के निवासी ने 17 मई 2016 को मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 15 मई को उसकी नाबालिग पुत्री को पड़ोसी मोनू उर्फ अजय पुत्र रामकुमार बहला फुसला कर अपहरण कर ले गया। इस कार्य में उसका सहयोग अक्षय पुत्र सतीश ने किया और मोनू उर्फ अजय ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। इस मुकदमे में पुलिस ने आरोप पत्र केवल मोनू उर्फ अजय के खिलाफ दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार तिवारी की पॉक्सो कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक दिनेश कुमार शर्मा ने सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए सोमवार को अभियुक्त मोनू उर्फ अजय को दोषी करार देते हुए जेल भेजा था। मंगलवार को कोर्ट ने मोनू को दस साल के सश्रम कारावास और 22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने में से 20 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए।