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आरक्षण खत्म होते ही बदल गए चरथावल के समीकरण

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मुजफ्फरनगर। लगभग पांच दशक तक सुरक्षित सीट रही चरथावल का आरक्षण खत्म होने के बाद समीकरण बदल गए हैं। नई सदी में बसपा की हैट्रिक से यहां के मजबूत मुस्लिम-अनुसूचित जाति के समीकरण का संदेश भी हर जगह पहुंचा। लेकिन 2012 में परिसीमन के बाद सुरक्षित सीट का आरक्षण पुरकाजी के हिस्से में आया। बघरा सीट को खत्म कर दिया गया। बघरा हमेशा जाट सीट मानी गई है। बघरा सीट के 12 चुनाव में सिर्फ दो बार गैर जाट उम्मीदवार जीते हैं। हरेंद्र मलिक ने जीत की हैट्रिक लगाई, अपने बेटे पंकज मलिक को भी यहीं से विधानसभा भिजवाया। लेकिन परिसीमन बदलते ही पंकज मलिक को सियासत के लिए शामली जाना पड़ा था। बघरा सीट खत्म हो चुकी है और पंकज इस बार बदले माहौल और समीकरण में चरथावल से चुनाव लड़ने पहुंचे हैं।
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यह उम्मीद पूरी हो तो संवर जाएगा क्षेत्र
बेहतर चिकित्सा सेवाओं और रोजगारपरक शिक्षण संस्थाओं की कमी है। मेडिकल कॉलेज, सरकारी अनाज मंडी और युवाओं के विकास के लिए खेल स्टेडियम की मांग अरसे की जा रही है। चरथावल-रोहाना मार्ग बदहाली से लोग तीन साल से परेशान है। यह समस्या दो विधान सभा क्षेत्र के लोगों की परेशानी का सबब है। सड़क निर्माण का पूरा बजट नहीं मिलने से कार्य अधूरा पड़ा है। चरथावल-थानाभवन मार्ग का फॉर लेन का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में है।
सुनिए, मतदाताओं के मन की बात
- बघरा के नसीरपुर निवासी तरसपाल पुंडीर कहते है चरथावल और बघरा में बस स्टैंड नहीं है। यह क्षेत्र की बड़ी परेशानी है।
- पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश वशिष्ठ का कहना है कि क्षेत्र में मंडी नहीं होने से शहर फसल बेचने जाना पड़ता है।
- दूधली के शेर सिंह राणा का कहना है कि दशकों से युवाओं केे लिए खेल स्टेडियम की मांग है। इसे पूरा किया जाना चाहिए।
स्वर्णिम अतीत पर शीश झुकाती है दुनिया
चरथावल क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों ने फिरंगी हुकूमत में आजादी की अलख जगाई थी। यहां का ऐतिहासिक गांव दूधली ने सबसे ज्यादा स्वाधीनता सेनानियों को अनूठा योगदान रहा। यहां की गोगा म्हाड़ी की मान्यता राजस्थान के बागड़ के दूसरे नंबर की है। महान योगी आचार्य अभयदेव की योग विद्या देश-विदेश में चरथावल का नाम है। बिरालसी के गुुरुकुल में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने बतौर शिक्षक के रूप में ब्रह्मचारियों को वेद विद्या का पाठ पढ़ाया था। बाबा भैरव मंदिर, चरौली गांव का प्राचीन शिव मंदिर, न्यामू में वराह रूप विष्णु भगवान का मंदिर क्षेत्र की धार्मिक विरासत है।
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कब किसके सिर चरथावल ने सजाया ताज
साल विधायक
1967 हरीशचंद
1969 नैन सिंह
1974 नंदराम
1977 नंदराम
1980 रामप्रसाद
1985 फूल सिंह
1989 जीएस विनोद
1991 जीएस विनोद
1993 रणधीर सिंह
1996 रणधीर सिंह
2002 उमा किरण
2007 अनिल कुमार
2012 नूर सलीम राना
2017 विजय कश्यप
परिसीमन से खत्म हुई बघरा की बादशाहत
1962 नैन सिंह
1974 वीरेंद्र वर्मा
1977 बाबू सिंह
1980 नकली सिंह
1985 बाबू सिंह
1989 हरेंद्र मलिक
1991 हरेंद्र मलिक
1993 हरेंद्र मलिक
1996 प्रदीप बालियान
2002 अनुराधा चौधरी
2004 परमजीत मलिक
2007 पंकज मलिक
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