असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के आदेश के अनुसार अब हर खाने वाली दुकान या ठेले के मालिक को अपना नाम बोर्ड पर लगाना होगा, ताकि कोई कांवड़िया गलती से मुसलमान की दुकान से कुछ न खरीद ले। इसे दक्षिण अफ्रीका में अपारथाइड कहा जाता था और हिटलर की जर्मनी में इसका नाम जुडेनबोयकोट था।
जनपद की सीमा पुरकाजी के गांव भूराहेड़ी चेकपोस्ट से खतौली के भंगेला व बुढ़ाना, फुगाना, तितावी थानों की सीमा तक जिले में कांवड़ यात्रा का मार्ग 240 किमी है। हरिद्वार से आते समय हाईवे पर काफी होटल व ढाबे हैं। इनमें दूसरे समुदाय केे लोगों के भी ढाबे व होटल हैं, जिन पर प्रोपराइटर व उनके संचालकों के नाम लिखे हुए नहीं थे। इससे वहां कांवड़ियों के रुकने की संभावना बन रही थी।
इसी के चलते एसएसपी अभिषेक सिंह ने आदेश जारी किए है कि सभी होटल व ढाबों पर प्रोपराइटर व संचालकों के नाम अवश्य लिखे जाएं ताकि कोई भ्रम न बन सके।
एसएसपी के आदेश पर नई मंडी, छपार व पुरकाजी, मंसूरपुर व खतौली आदि थानों की पुलिस ने कार्रवाई शुरू करा दी। शहर में भी मीनाक्षी चौक के पास फल बेचने वाले लोगों के ठेलों पर नाम वाले पोस्टर चस्पा करा दिए हैं।
शिव चौक पर कंटीले तारों से की गई बैरिकेडिंग
कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस ने इस बार शिव चौक पर कंटीले तार लगाए हैं। सीओ व्योम बिंदल का कहना है कि एहतियात के तौर पर यह व्यवस्था की गई है। शहर में मुहर्रम के अधिकतर जुलूस शिव चौक से ही गुजरते हैं।
पुलिस ने इस बार मुहर्रम के लिए यहां कंटीले तारों की बेरिकेडिंग लगा दी गई। बुधवार को यहां से बड़ा जुलूस भी गुजरा। कांवड़ को लेकर भी पुलिस एहतियात बरत रही है।