मुजफ्फरनगर। लचर परिवहन व्यवस्था से लोग परेशानी झेल रहे हैं। देहात के मार्गों पर अंधेरा होने के बाद सफर डग्गामार वाहनों के भरोसे चलता है। रोडवेज बसें नियमित नहीं चलती और प्राइवेट बसें भी नहीं मिलती। ऐसे में शाम होते ही यात्री परेशानियां झेलने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
कभी सात तो कभी आठ बजे के बाद शामली की बस नहीं
मुजफ्फरनगर से शामली के बीच का सफर भी अंधेरा घिरने के बाद मुश्किलों भरा हो जाता है। प्राइवेट बस कभी सात तो आठ बजे आखिरी हो जाती है। बड़ी संख्या में यात्री शामली मार्ग के गांवों से रोजाना आवागमन करते हैं , लेकिन बसें नहीं मिलने के कारण डग्गामार वाहनों पर सफर करना पड़ता है। अधिकतर रोडवेज बाईपास से चली जाती है, जिस कारण प्राइवेट बस अड्डे पर यात्री इंतजार करते रह जाते हैं। बघरा के सलीम ने बताया कि रात के समय बसों का नियमित संचालन नहीं है, जिस कारण करीब 25 मिनट के सफर में कई-कई घंटे लग जाते हैँ।
बुढ़ाना के लिए वाहन नहीं पहुंचते, लोग परेशान
शामली प्राइवेट बस अड्डे से बुढ़ाना तक शाम के समय वाहन नहीं चलते हैं। शाहपुर और बुढ़ाना के लिए बड़ी संख्या में दैनिक यात्री रात के समय जाते हैं, लेकिन वाहन नहीं मिलते। शामली अड्डे पर मिले शाहपुर के गौरव का कहना है कि रात आठ बजे मुजफ्फरनगर से बुढ़ाना के लिए बस का संचालन होना चाहिए। रोडवेज बस का इंतजाम होने से अधिक राहत मिलेगी।
इन मार्गों पर छह बजे के बाद जाना मुश्किल
मुजफ्जफरनगर से जसोई मार्ग पर चार बसें चलती हैं। गंगोह मार्ग पर दो और चरथावल मार्ग पर प्रतिदिन 15 बसे चलती है। लेकिन इन मार्गों पर शाम साढ़े छह बजे के बाद जाने के लिए यात्रियों को वाहन नहीं मिलते। चरथावल के हरेंद्र कुमार ने कहा कि शामली बस अड्डे से मुख्य स्थानों के लिए रात आठ बजे बसों का इंतजाम होना चाहिए।
अंधेरा होते ही आने लगते हैं डग्गामार वाहन
अंधेरा होने के साथ ही शामली बस अड्डे पर डग्गामार वाहनों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है। लोगों से मुंहमांगी कीमत वसूल कर गंतव्य तक ले जाते हैं।
वर्जन :
कराया जाएगा यात्रियों की समस्या का समाधान
रोडवेज स्टेशन के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी राजकुमार तोमर का कहना है कि जिन मार्गों पर दिक्कत है, वहां पर बसों का इंतजाम कराया जाएगा। अधिकतर रूटों पर रोडवेज बस संचालित है।
मुजफ्फरनगर में दोपहर एक बजे अहिल्या बाई चौक पर लगे जाम में फसे वाहन सवार व राहगीर।।- फोटो : MUZAFFARNAGAR