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चोरी हुए असलहा से हुई थी भाजपा नेता चौधरी यशपाल की हत्या

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पुलिस गिरफ्त में लाईसेंसी असलाह के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी - फोटो : DEVBAND
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देवबंद(सहारनपुर)। कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रुप ने कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के मिरगपुर गांव से छह वर्ष पूर्व चोरी हुए लाइसेंसी असलाह के साथ जीजा-साले समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आठ अक्तूबर को भाजपा नेता चौधरी यशपाल सिंह की हत्या भी चोरी की डीबीबीएन 12 बोर से की गई थी। जिसे पुलिस ने पहले ही बरामद कर लिया था।
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शुक्रवार को पुलिस और स्वाट टीम के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। इंस्पेक्टर यज्ञदत्त शर्मा व स्वाट टीम के प्रभारी मुबारिक रिजवी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वर्ष 2012 में मिरगपुर गांव निवासी सुशील कुमार के घर से लाइसेंसी असलाह चोरी करने वाले चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 1 फैक्टरी मेड 30 स्प्रिंग लाइसेंसी रायफल, 1 लाइसेंसी पिस्टल फैक्टरी मेड 32 बोर, 1 देसी अवैध पिस्टल, 1 तमंचा 315 बोर और करीब 34 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इंस्पेक्टर यज्ञदत्त शर्मा ने बताया की थाना सदर बाजार के वेद विहार निवासी अविनाश और उसके साले तीतरों के महंगी गांव निवासी कर्मवीर के अलावा इनके साथी रविन्द्र और गुरुसमर को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि बरामद किया गया असलाह चोरी का है जो रविंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर मिरगपुर गांव से चोरी किया था। जिसमें 25 हजार रुपये की नगदी भी शामिल थी। इस मामले में सुशील कि पत्नी मोनिका ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई हुई थी। शर्मा ने बताया कि चोरी किए असलाह में से डबल बैरल बंदूक पिछले माह बरामद की गई थी, उसी बंदूक से रविंद्र के बेटे अंकुर ने आठ अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशपाल सिंह की हत्या की थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों लोग शातिर अपराधी हैं जिनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। उक्त लोगों ने चोरी के बाद सभी असलाह इधर उधर छुपाकर रखा हुआ था। निशानदेही पर सबी असलाह बरामद कर लिया गया। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद चारों लोगों को जेल भेज दिया गया है। एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि पुलिस द्वारा बरामद किया गया असलाह अधिकांश लाइसेंसी है। जिसे आरोपियों ने बड़ी ही चालाकी से छुपाकर रखा हुआ था।
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