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श्रमिकों के आते ही कम पड़ गए इंतजाम

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श्रमिक स्पेशल...बसें नहीं मिलने के कारण स्टेशन के बाहर बैठे पूर्वांचल के जिलों के श्रमिक। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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श्रमिकों के आते ही कम पड़ गए इंतजाम
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मुजफ्फरनगर। महाराष्ट्र से श्रमिक स्पेशल ट्रेन के इंतजाम कई दिनों से चल रहे थे। श्रमिकों को भेजने के लिए वहां उनके ऑनलाइन आवेदन लिए गए। पूरी सूची मुजफ्फरनगर प्रशासन को भी भेजी गई, लेकिन ट्रेन के यहां आते ही सारे इंतजाम धरे रह गए। कई श्रमिकों के तो सूची में नाम तक नहीं मिले। वहीं, 50 से ज्यादा लोगों को बसें नहीं मिल पाईं। उन्हें शाम तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा। कुछ लोगों को भोजन के पैकेट भी तीन बजे के बाद ही मिल पाए।
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शनिवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन के आने से पहले ही बसें लगा दी गईं थी। प्लेटफार्म से ही श्रमिकों को बस का नंबर देकर उन्हें बस में बैठने की हिदायत दी गई, लेकिन महाराजगंज, मिर्जापुर, लखनऊ, सोनभद्र, चंदौली, जौनपुर, भदोही, गाजीपुर अन्य जिलों के कई श्रमिकों के नाम बस चालकों को दी गई सूची में नहीं मिले। मिर्जापुर के सद्दाम के दो भाइयों का नाम सूची में था, लेकिन उसका नहीं था। इस तरह सोनभद्र के सोनू का नाम भी नहीं मिला। इससे अफरातफरी की स्थिति बनी रही। श्रमिक सूची में नाम नहीं होने से चिंतित रहे। चालक-परिचालक भी परेशान हो उठे। बाद में निर्देश दिए गए हैं, जिनके नाम सूची में नहीं हैं उन्हें अलग से शामिल कर बसों में बैठाया जाए। उधर, श्रमिकों के लिए लगाईं गईं 23 बसें कम पड़ गईं। मऊ, बलिया, आजमगढ़, और उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग व रुड़की के करीब 50 श्रमिकों को बस नहीं मिल पाई। ये शाम तक स्टेशन रोड पर ही बैठे रहे। इनमें उत्तराखंड की कुछ महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल थे। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर डीके त्यागी इन श्रमिकों के लिए बसों की व्यवस्था कराने में जुटे रहे। हालांकि शाम तक बसों का बंदोबस्त हो पाया।
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