अर्पित हत्याकांड ने थाना पुलिस की खोली पोल
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-दून हाईवे, जहां औसतन हर मिनट 21 वाहन निकलते हैं, वहां दिनदहाड़े एक युवक की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई और थाना पुलिस पूरी तरह अनभिज्ञ रही। घटना के करीब एक घंटा बाद पुलिस को किसी राहगीर ने सड़क किनारे शव पड़ा होने की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
शहर के मोहल्ला खादरवाला निवासी डॉ अजय गोयल के इकलौते बेटे अर्पित गोयल की दिल्ली-दून हाईवे पर दिनदहाड़े हुई दुस्साहसिक हत्या ने छपार थाना पुलिस की मुस्तैदी की कलई खोल दी है। छपार थाने से महज डेढ़ किलोमीटर दूर बाइक सवार युवक की दिनदहाड़े चार गोलियां मारकर हत्या कर दी गई और न तो थाना पुलिस को इसकी भनक लगी और न ही डायल-112 मौके पर पहुंची। सनसनीखेज हत्या के करीब एक घंटा बाद शाम 4.30 बजे किसी राहगीर ने सड़क किनारे बाइक व युवक के पड़े होने की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद डायल-112 व थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहां युवक की गोली मारकर हत्या होने की पुष्टि के बावजूद कार्रवाई के बजाये थाना पुलिस इस घटना को करीब एक घंटे तक आला अफसरों और मीडिया सभी से छिपाने का प्रयास करती रही।
शाम करीब 5.30 बजे युवक के पास मिले बैग में मिले कागजात के आधार पर शव की शिनाख्त होने के बाद थाना पुलिस हरकत में आई, जिसके बाद अफसरों में हड़कंप मच गया। एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय ने मोर्चरी और एएसपी कृष्णा विश्नोई ने घटनास्थल पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। थाना पुलिस की लापरवाही से हाईवे पर इतनी बड़ी घटना होने के बाद आला अफसर अब जल्द हत्या का खुलासा करने का दावा कर रहे हैं।
युवक का मोबाइल खोल सकता है घटना का राज
दिल्ली-दून हाईवे पर दिनदहाड़े युवक की हत्या का राज उसके मोबाइल में दफन हो सकता है, जो घटनास्थल पर पुलिस को नहीं मिला। दरअसल, अर्पित गोयल सुबह करीब दस बजे घर से रोजाना की तरह कैडबरी की एजेंसी के लिए निकला था। वहां से वह ऑर्डर लेने बसेड़ा के लिए निकला था। अर्पित के मौसा अंकुर गुप्ता ने बताया कि 11.48 बजे अर्पित ने एक ऑर्डर लगाया था। इसके बाद अपराह्न 1.00 बजे वह बसेड़ा में कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर को बरला में कुछ काम होना बताकर एक अन्य युवक के साथ रवाना हुआ था। इसके बाद काफी देर तक अर्पित एजेंसी नही पहुंचा तो अंकुर गुप्ता ने अपराह्न 3.30 बजे बजे अर्पित को कॉल की तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया। माना जा रहा है कि अपराह्न 1.30 से 3.30 बजे के बीच हाईवे पर इस दुस्साहसिक हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।
घर का इकलौता बेटा था अर्पित
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खादरवाला निवासी डॉ अजय गोयल मोहल्ले में ही क्लीनिक चलाते हैं। उनके परिवार में पत्नी नीरा, बेटी आयुषि और इकलौता बेटा अर्पित गोयल हैं। बड़ी बेटी आयुषि की गत मार्च को ही रुड़की निवासी युवक से शादी हुई है। इकलौता बेटा अर्पित बेहद मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का था, जो इंटरमीडिएट करने के बाद नर्सिंग का कोर्स कर रहा था। इसके साथ ही वह करीब दो साल से पार्टटाइम जॉब करते हुए केडबरी इंडिया से जुड़ा हुआ था। युवक की हत्या से मोहल्ला खादरवाला में भी शोक व्याप्त है।
रात में ही पोस्टमार्टम कराने की तैयारी
हाईवे पर हुई अर्पित गोयल की हत्या के बाद पुलिस-प्रशासन रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने भी एसपी सिटी से वार्ता कर इसके निर्देश दिए थे। संभवत: रात में ही पोस्टमार्टम के बाद युवक का शव पीड़ित परिजनों को सौंपा जा सकता है।