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चार से 12 दिसंबर तक होगी सेना भर्ती, 170 जवान संभालेंगे भर्ती की जिम्मेदारी 

Sat, 02 Dec 2017 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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भर्ती की तैयारियों में जुटे सेना के जवान। - फोटो : अमर उजाला
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जिले में होने वाली सेना भर्ती की कमान सेना के 170 सैनिक संभालेंगे। चार दिसंबर से 12 दिसंबर तक सेना भर्ती चलेगी। 60 हजार युवाओं ने सेना भर्ती के लिए आवेदन किया है। भर्ती के लिए पांच हजार युवाओं को प्रतिदिन में बुलाया गया है। 
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जनपद के स्पोर्ट्स स्टेडियम और नुमाईश मैदान में चार दिसंबर से सेना भर्ती प्रारंभ होने जा रही है। इस भर्ती में सहारनपुर, शामली, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर जिलों के युवा भाग लेंगे। भर्ती अधिकारी कर्नल रजनीश मेहता ने बताया कि भर्ती के लिए आने वाले युवा सर्कस ग्राउंड में एकत्र होंगे। प्रतिदिन पांच हजार अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। सभी के लिए आधार कार्ड, अपने सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों की फोटो स्टेट लाना अनिवार्य है।

भर्ती का जिम्मा सेना के 170 जवान संभालेंगे, इनमें से 150 जवान यहां आ चुके हैं। भर्ती की तैयारी शनिवार से प्रारंभ हो चुकी है। स्पोर्ट्स स्टेडियम, नुमाईश मैदान को सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है। नगर पालिका के कर्मचारी सफाई अभियान में जुट गए हैं। सेना ने अपना तंबू गाड़ दिया है। इस पूरे क्षेत्र में बाहरी लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रतिदिन तैयारी करने वाले खिलाड़ी भी भर्ती के दौरान प्रवेश नहीं पा सकेंगे।
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स्टेडियम में सेना भर्ती मेले के आयोजन को चुनौती
इलाहाबाद। मुजफ्फरनगर के चौधरी चरण सिंह स्टेडियम में प्रस्तावित सेना भर्ती रैली को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर भर्ती रैली पर रोक लगाने की मांग की गई है। आशीष कुमार की ओर से दाखिल इस जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है।

याची के अधिवक्ता संदीप शुक्ल ने बताया कि मुजफ्फरनगर के चौधरी चरण सिंह स्टेडियम में चार से नौ दिसंबर तक सेना भर्ती रैली प्रस्तावित है। यह रैली वहां पूर्व के वर्षों में भी होती रही है। रैली से खिलाड़ियों और आसपास के निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

याचिका में कहा गया है कि भर्ती रैली में शामिल होने 50 हजार से ज्यादा युवक वहां आते हैं और स्टेडियम के आसपास कॉलोनियों की सड़कों नालियों में गंदगी करके चले जाते हैं। रैली के दौरान आने वाले युवक आसपास घरों की महिलाओं और लड़कियों से छेड़खानी भी करते हैं।

इस कारण भर्ती रैली के दौरान वहां की लड़कियों को स्कूल आने-जाने में भी सुरक्षा का खतरा रहता है। स्थानीय लोगों ने इस परेशानी से जिलाधिकारी को भी अवगत कराया है, मगर रैली का आयोजन टालने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। 

याचिका में यह भी कहा गया है कि भर्ती रैली से स्टेडियम का पूरा मैदान तहसनहस हो जाता है। रैली के दौरान मैदान में स्टाल लगाने के लिए जगह-जगह गड्ढे भी किए जाते हैं। रैली के बाद उन्हें उसी हाल में छोड़ दिया जाता है।

इससे वहां के खिलाड़ियों का अभ्यास व तैयारी कई दिनों तक प्रभावित रहती है। कहा गया है कि स्टेडियम विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए है और राज्य सरकार का स्पष्ट दिशा-निर्देश है कि स्टेडियम का इस्तेमाल केवल खेल से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाए। इसके बावजूद स्टेडियम में सेना भर्ती रैली प्रस्तावित है, जो खिलाड़ियों के अधिकार का हनन है। 
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