यह भी आए थे भाग्य आजमाने
मुजफ्फरनगर की उर्वरा राजनीतिक जमीन पर भाग्य आजमाने के लिए कई नेता पहुंचे। इनमें भाजपा के सरधना विधायक ठाकुर संगीत सिंह सोम ने 2009 में सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2014 में भी वह टिकट के दावेदार रहे। अब सरधना में सक्रिय है। भाजपा के टिकट पर 2004 में मेरठ के सांसद रहे ठाकुर अमरपाल सिंह ने भी मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ा था, लेकिन दिवंगत पूर्व सांसद मुनव्वर हसन ने उन्हें हरा दिया था।
जीतती रही तो जिले में रही अनुराधा
रालोद में नंबर दो की हैसियत रखने वाली पूर्व मंत्री अनुराधा चौधरी मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं। इन दिनों भाजपा में है, लेकिन सक्रिय राजनीति में नजर नहीं आती। पहली बार 2002 में बघरा से विधानसभा का चुनाव जीतकर लोक निर्माण विभाग की मंत्री बनीं। उनके कार्यकाल में सड़कों और नहर पटरियों पर खूब कार्य कराए गए। 2004 में अनुराधा चौधरी कैराना लोकसभा से सांसद बनीं। सबसे ज्यादा वोटों से जीतकर वह संसद पहुंचीं थी। मुजफ्फरनगर में आवास भी बनाया, लेकिन सक्रिय राजनीति से दूर होते ही जिले में भी आवाजाही कम हो गई।
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इस बार अब तक इन्हें कह रहे बाहरी
चुनाव की तैयारियां चल रही है। इस बार भाजपा के संभावित प्रत्याशियों की सूची में शामिल पूर्व एमएलसी प्रशांत गुर्जर और पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप को बाहरी बताकर विरोध किया जा रहा है।