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यूपी चुनाव 2022 : जाट-मुस्लिम सियासत का गढ़ बन गई बुढ़ाना, दिलचस्प है इस सीट का इतिहास

Sat, 15 Jan 2022 05:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

उत्तर प्रदेश की सियासत में बुढ़ाना सीट भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस सीट पर जाट-मुस्लिम समीकरण सबकी रणनीति पर भारी है। जानिए इस सीट का पूरा इतिहास क्या है।
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स्वर्गीय चौधरी हरिकिशन मलिक - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पहले मुजफ्फरनगर दंगे और अब किसान आंदोलन से बुढ़ाना विधानसभा सूबे की सियासत के सबसे बड़े केंद्रों में से एक है। बिखराव को रोक लिया जाए तो जाट-मुस्लिम समीकरण सबकी रणनीति पर भारी है। लंबे समय तक खतौली विधानसभा का हिस्सा रहे इसी क्षेत्र से किसान राजनीति की हुंकार उठती है। राजनीतिक जागरुकता और सक्रियता बुढ़ाना क्षेत्र में खूब है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह और किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की सर्वसमाज में स्वीकार्यता सामाजिक ताने-बाने की मजबूती का उदाहरण बनती है।

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परिसीमन हुआ तो खतौली से बुढ़ाना पहुंचे जाट
साल 2012 में खतौली के परिसीमन से बुढ़ाना विधानसभा बनी तो जाट क्षत्रप बुढ़ाना पहुंच गए। खतौली गैर जाट सीट बन गई। हर राजनीतिक दल में जाट और मुस्लिम ही बुढ़ाना से टिकट की दावेदारी करते हुए नजर आते हैं।

बालियान और गठवाला खाप की हिस्सेदारी
बुढ़ाना विधानसभा सीट पर खापों का पेंच भी है। बालियान खाप का केंद्र सिसौली और सोरम इसी विधानसभा में है, जबकि गठवाला के फुगाना और खरड़ थांबे भी हिस्सेदार हैं। खापों की राजनीति भी यहां प्रभावशाली रही है।
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भाकियू को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज
बुढ़ाना विधानसभा सीट पर भाकियू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की आवाज भी महत्वपूर्ण है। रालोद से दो बार विधायक रहे राजपाल बालियान भाकियू में सक्रिय रहे हैं।

पार लगाएगी किसकी किश्ती, मुस्लिमों की 12 बस्ती
बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर, शिकारपुर, बसी, पलड़ी, उमरपुर, मदीनपुर और आदमपुर समेत 12 मुस्लिम बाहुल्य गांव 12 बस्ती के नाम से जाने जाते हैं। देखने वाली बात यह होगी कि यहां से इस बार किसकी किश्ती पार लगेगी। मुस्लिम नेता गुलाम मोहम्मद जौला मुस्लिम राजपूत बिरादरी के 52 खाप के चौधरी है, वह भी इसी क्षेत्र के मतदाता है।

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खतौली का हिस्सा रही बुढ़ाना सीट पर हुए सिर्फ पांच चुनाव
साल        सीट                  विधायक             पार्टी
1952    बुढ़ाना पश्चिमी         श्रीचंद             कांग्रेस
1957    बुढ़ाना पश्चिमी       असगर अली      निर्दलीय
1962    बुढ़ाना                विजयपाल सिंह    सीपीआई
2012    बुढ़ाना                नवाजिश आलम    सपा
2017    बुढ़ाना               उमेश मलिक       भाजपा

परिसीमन में फिर कभी नहीं बनाई गई शिकारपुर सीट
साल            सीट           विधायक          पार्टी
1957         शिकारपुर     राजेंद्र दत्त      कांग्रेस
1962        शिकारपुर      शुगनचंद        कांग्रेस

जानिए, बुढ़ाना विस के यह तथ्य
कुल मतदाता 375073
पुरुष मतदाता 202786
महिला मतदाता 172280
मंगलामुखी 07

किस उम्र के कितने मतदाता
उम्र        वोटर
18-19    4616
20-29    92465
30-39    98510
40-49    69067
50-59    54633
60-69    32244
70-79   16888
80-89    5542
90-99    1038
100 प्लस   70

किसान के मुद्दे और बालियान मंत्री
बुढ़ाना में खेती-किसानी बड़ा मुद्दा है। भुगतान, बिजली दरें, सड़कें, कानून व्यवस्था बड़े मुद्दे हैं। केंद्रीय पशुपालन मंत्री डॉ. संजीव बालियान इसी क्षेत्र के गांव कुटबा के रहने वाले हैं।
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