अमर उजाला के अनूठे अभियान अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत श्रीराम कॉलेज में सेल्फ डिफेंस शिविर लगाया गया। बीएड विभाग की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। बताया कि किस तरह वे विपरीत परिस्थितियों से धैर्य और समझदारी के दम पर बाहर निकल सकती हैं। छात्राओं ने कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा तथा महिलाओं के प्रति हिंसा पर केंद्रित नाटिकाएं प्रस्तुत की। विभिन्न स्लोगन से नारी शक्ति का गुणगान किया।
सोमवार को श्रीराम कॉलेज बीएड विभाग के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में चौधरी चरणसिंह जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम की ताईक्वांडो कोच ममता सागर ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि छात्राएं यदि सड़क पर जा रहीं हैं, तो शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी वहीं उपस्थित रहें। सतर्क होकर चलें तथा किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। उन्होंने मनुष्य के शरीर के 16 कमजोर हिस्सों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई आप पर प्रहार करता है, तो इन हिस्सों पर प्रहार कर सामने वाले को चित किया जा सकता है।
उन्होंने सिर से टाइल्स तोड़कर तथा विभिन्न हथियारों का संचालन कर दिखाया कि उनकी तरह कोई भी लड़की प्रशिक्षण लेकर खुद को इस तरह मजबूत बना सकती है। उनके साथ आए ताईक्वांडो खिलाड़ी चारू चौहान, शिखा मलिक, सुदर्शन एवं रोबिन कटारिया ने फाइट का प्रदर्शन किया। छात्राओं ने दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, महिला हिंसा के खिलाफ आवाज उठाते हुए नाटिका प्रस्तुत की।
स्लोगनों से किया बुराइयों पर प्रहार
छात्राओं ने विभिन्न बुराइयों पर स्लोगनों से प्रहार किया। सुषमा ने कहा ‘दहेज प्रथा के नाम पर अपमान बिल्कुल न सहो, कोई अपना बेटा बेचने निकला है तो जनाब खुलकर कहो।’ हिमानी राठी ने कहा ‘ऐ औरत तुझे क्या कहूं, तेरी हर बात निराली है, तू एक ऐसा पौधा है जिससे हर घर में हरियाली है।’ शिवानी चौधरी ने ‘अपना वजूद मिटाकर न जाने कितनी रवायतें निभाती है, सलाम है उस महिला को जो घर को घर बनाती है।
’ रिया ने ‘ये संसार नहीं चोरों का बाजार है, दहेज लड़की को गिरा देने वाला एक बाजार है’ से दहेज प्रथा पर प्रहार किया। दिव्या ने ‘अपमान मत करना नारियों का, इनके बल पर जग चलता है, पुरुष जन्म लेकर इन्हीं की गोद में पलता है।’ सुभांगी ने ‘दहेज एक प्रथा नहीं, मांगने का एक सामाजिक तरीका है।’ अमरीन ने कहा ‘इश्क भी क्या खूबसूरत बला है, न माना तो एसिड अटैक से जला है’ आदि स्लोगन सुनाए।
- महिलाएं कमजोर नहीं हैं। उन्हें अपनी ताकत पहचाननी होगी। उनकी चुप्पी ही दूसरों की ताकत बन जाती है। - सोनिया, छात्रा।
हम सब आज यह संकल्प लेती हैं कि अपने या किसी अन्य महिला के ऊपर होते हुए अन्याय को देखकर चुप नहीं रहेंगी। - प्रीति, छात्रा।
- लड़कियों के लिए आत्मरक्षा के तरीके सीखना बेहद जरूरी है। शिक्षण संस्थाओं में उनके लिए इस तरह के प्रशिक्षण की व्यवस्था हो।
- वैशाली, छात्रा।
- महिलाओं को मानसिक रूप से मजबूत होने की आवश्यकता है। वह अपने अंतर की ताकत को महसूस करें और आगे बढ़ें।- जया पंवार, छात्रा।
- संस्कार घर से दिए जाते हैं। इसलिए मैं सभी माताओं से अनुरोध करती हूं कि अपने बच्चों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं। - पूजा, छात्रा।
अमर उजाला का प्रयास सराहनीय है। इस तरह के कार्यक्रमों से लड़कियों में नई ऊर्जा का संचार होता है तथा वे सशक्त महसूस करती हैं। - सुधा, छात्रा।
- महिलाओं को उनसे जुड़े निर्णय खुद लेने चाहिए। उनमें स्वयं निर्णय लेने की क्षमता विकसित होगी तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा।- अंशुल, छात्रा।
नारी गरिमा की रक्षा के लिए भरे संकल्प पत्र
अपराजिता अभियान के तहत श्रीराम कॉलेज के बीएड विभाग में प्राचार्या प्रेरणा मित्तल एवं अन्य प्रवक्ताओं व छात्राओं ने संकल्प पत्र भरे। उन्होंने नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया।
श्रीराम बीएड कॉलेज की प्रधानाचार्या एवं डीन प्रेरणा मित्तल ने कहा कि अमर उजाला की यह पहल सार्थक है। महिलाओं के उत्थान, सशक्तिकरण को लेकर चलाए गए अभियान से महिलाओं को नई राह मिलेगी।