मुजफ्फरनगर। सहारनपुर की एंटी करप्शन टीम ने दस हजार की रिश्वत लेते हुए चरथावल क्षेत्र के गांव कसौली के लेखपाल पंकज कुमार धीमान को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने सिविल लाइन थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं आरोपी को सिविल लाइन थाना पुलिस को सौंप दिया है।
सहारनपुर एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक जसपाल सिंह ने टीम की मदद से तहसील परिसर से चरथावल क्षेत्र के गांव कसौली निवासी पूर्व प्रधान ठाकुर चंद्रबोस की मदद से लेखपाल पंकज कुमार धीमान को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। टीम ने ठाकुर चंद्रबोस से लिए रंग लगे दस हजार रुपये आरोपी लेखपाल से बरामद किए। आरोपी को पकड़ कर सिविल लाइन थाने लाया गया।
उधर, लेखपाल के गिरफ्तार किए जाने की सूचना पाकर काफी लेखपाल व तहसील कर्मचारी भी थाने पहुंचे। लगभग तीन घंटे की पूछताछ के बाद एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक कुशल पाल सिंह ने थाना पुलिस को लेखपाल के खिलाफ तहरीर दी। आरोपी को भी पुलिस को सौंप दिया गया।
यह बोला पीड़ित-
चरथावल के गांव कसौली निवासी किसान पूर्व प्रधान ठाकुर चंद्रबोस ने बताया कि वह वर्ष 2015 से 2020 तक प्रधान रहे हैं। उनके गांव का रहने वाला एक व्यक्ति सरकारी खत्ते की जमीन पर पटवारी की मदद से कब्जे का प्रयास कर रहा था। उन्होंने लेखपाल से ऐसा न कर आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। मगर लेखपाल ने मुकदमा दर्ज कराने के नाम पर उनसे पचास हजार रुपये मांगे।
उन्होंने कई गणमान्य लोगों व एसडीएम सदर से भी लेखपाल को मुकदमा दर्ज कराने के बारे में कहलवाया, लेकिन लेखपाल नहीं माना। लेखपाल की बात मान कर पहले दस रुपये देने तय किए गए थे।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने आठ सितंबर को सहारनपुर एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। बुधवार सुबह टीम ने उन्हें बुलाया और रंग लगे हुए दस हजार रुपये दिए। उसने तहसील में लेखपाल को उसके कार्यालय में रुपये जाकर दे दिए। इसी दौरान लेखपाल को टीम ने पकड़ लिया।
इन्होंने कहा-
निरीक्षक जसपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने शिकायत मिलने के बाद दो दिन तक पूरे मामले की जांच कराई। बुधवार को कार्रवाई को अंजाम दिया गया। बुधवार को दो सरकारी गवाह को साथ लेकर आरोपी को पकड़ा गया। बकायदा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी बनाए गए हैं।
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने कहा कि आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुुकदमा दर्ज किया गया है। उसे मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया जाएगा।