शहीद के परिजनों को सीआरपीएफ की ओर से एक करोड़ देने की घोषणा
मुजफ्फरनगर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शहीद हुए गांव पचेंडा निवासी डिप्टी कमांडेंट विकास सिंघल के परिजनों को शासन की ओर से 50 लाख रुपये, एक सरकारी नौकरी व गांव में एक सड़क का नामकरण शहीद के नाम पर किए जाने की घोषणा की गई है। प्रशासन द्वारा 50 लाख रुपये की सहायता राशि पीड़ित परिवार के बैंक खाते में सोमवार रात ही आरटीजीएस कर दी गई थी, जिसका चेक मंगलवार को गन्ना मंत्री सुरेश राणा द्वारा पीड़ित परिवार को सौंपा गया। वहीं, शहीद के अंतिम संस्कार के बाद सीआरपीएफ कोबरा विंग के आईजी केके शर्मा ने सीआरपीएफ की ओर से भी शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की। आईजी केके शर्मा ने कहा किसी सीआरपीएफ की ओर से निर्धारित सभी सुविधाएं शहीद विकास के परिजनों को दी जाएंगी। इसमें लिबलाइज पेंशन अवार्ड और एलपीए के साथ ही अन्य सुविधाएं शामिल हैं। आईजी शर्मा ने बताया कि इसके लिए सीआरपीएफ के एक कमांडेंट मंगलवार को मुजफ्फरनगर में ही रुकेंगे, जो कागजात संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद ही यहां से रवाना होंगे।
श्रद्धांजलि देने वालों का लगा रहा तांता
मुजफ्फरनगर। गांव पचेंडा निवासी शहीद विकास सिंघल को श्रद्धांजलि देने के लिए जनता इंटर कॉलेज मैदान में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इनमें सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ ही समाजसेवी व अन्य संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे। मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, सदर ब्लॉक प्रमुख अमित सिंह, भाजपा कोषाध्यक्ष रमेश खुराना, अचिंत मित्तल, सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, वरिष्ठ सपा नेता राकेश शर्मा, सपा के पूर्व राज्यमंत्री महेश बंसल, शलभ गुप्ता, रालोद जिलाध्यक्ष अजित राठी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह के साथ ही एडीएम प्रशासन अमित सिंह और एसपी सिटी अर्पित विजय वर्गी भी शामिल रहे।
समाधि स्थल के लिए तीन सौ गज जगह आवंटित
मुजफ्फरनगर। शहीद विकास सिंघल की समाधि बनाने के लिए ग्राम पंचायत द्वारा गांव में श्मशान घाट के निकट उनके परिजनों को तीन सौ वर्ग गज जगह उपलब्ध कराई गई है। ग्राम प्रधान नकुल पहलवान ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई गई तीन सौ वर्ग गज जगह में ही शहीद का अंतिम संस्कार किया गया है और वहीं पर उनकी समाधि भी बनाई जाएगी।