संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कभी पुलिस के साथ दोस्ताना संबंध रखने वाला दोना फैक्टरी मालिक मांडी अंकित बालियान आज पुलिस से बचता घूम रहा है। उस पर मजदूरों को दोना फैक्टरी में बंधक बनाकर रखने, मारपीट, एक मजदूर की गैर इरादतन हत्या का आरोप है। उसने कोर्ट में सरेंडर अर्जी लगाई, लेकिन सोमवार को सरेंडर होने नहीं पहुंचा। उसकी तलाश में सोमवार को एसआइटी सहित पुलिस की पांच टीम कचहरी परिसर में लगी रही।
फैक्टरी मालिक का तितावी थाना पुलिस के साथ अच्छा दोस्ताना था। उसकी फैक्टरी में मजदूरों को बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला सामने आते ही पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने उसके पिता प्रदीप बालियान व उसकी फैक्टरी के सुपरवाइजर बुढ़ाना के गांव उकावली निवासी शिवा को गिरफ्तार कर एक नाबालिग सहित एक दर्जन मजदूरों को फैक्टरी से मुक्त कराया।
पुलिस ने बाल मजदूर सहित सभी मजदूरों को परिजनों के साथ घर भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में बंधुआ मजदूरी अधिनियम व गैर इरादतन हत्या, मारपीट, मानव तस्करी व अन्य धाराओं के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए। पुलिस को अब फैक्टरी मालिक की तलाश है। उसने कोर्ट में सरेंडर अर्जी लगाई है। उसे सोमवार को कोर्ट में हाजिर होना था लेकिन वह कोर्ट नहीं पहुंचा।
अपने जिले में ही मजदूरों को मिलेंगे बाकी के रुपये
सहायक श्रमायुक्त देवेश सिंह ने बताया कि चूंकि मजदूरों के पास आईडी नहीं थी इसलिए उनके खाते खुलवाए नहीं जा सके। इसलिए श्रम विभाग की तरफ से सभी मजदूरों का अकाउंट में भुगतान वाले तीस-तीस हजार के चेक दिए गए। बाल मजदूर के एक लाख 70 हजार व अन्य सभी मजदूरों को 70-70 हजार रुपये और मिलेंगे।
यह रुपये उन्हें उनके जिले में ही श्रम विभाग मुहैया कराएगा। इस मामले में एसडीएम कोर्ट में सुनवाई होगी। बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत निर्णय होने के बाद रुपये देने की कार्रवाई को पूरा किया जाएगा।
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- उज्ज्वल, महोबाकी, भभुगा
- संतोष, जोरगामा, बिहार
- रंजीत पासवान, मोतीहारी, बिहार
- शिवम, औरैया
- रामू, जोलीकोट, नैनीताल
- दिलशाद, अमरोहा
- सोनू चौहान, आगरा
- विक्रम, जोधपुर, राजस्थान
- राज हंस, मधुबनी, बिहार
- नारायण , छत्तीसगढ़ के
- जगदीश , सीतापुर
- साहिल, निवासी हरियाणा के हलालपुर
यह था मामला
तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव की दोना बनाने की फैक्टरी में डेढ़ साल से यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान समेत अन्य स्थानों से लाए गए मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया। बंधुआ मजदूर बनाकर दिन में एक बार सूखी रोटी देकर 24 घंटे काम कराया जाता रहा। वेतन मांगने एवं बाहर जाने की बात पर नुकीले डंडों से मारपीट की जाती और पिटबुल कुत्तों से भी डराया जाता था।
मामले में नया मोड़ 22 जून को आया। जोधपुर के मजदूर विक्रम ने किसी तरह फैक्टरी से भागकर तितावी थाने में जानकारी दी। इसके बाद 23 जून को पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने मजदूरों को बंधनमुक्त कराया था।
पुलिस अब तक फैक्टरी मालिक के पिता प्रदीप बालियान, सुपर वाइजर शिवा के अलावा मजदूरों को धोखा देकर लाने वाले रबित को पकड़ चुकी है। मुख्य आरोपी फैक्टरी मालिक को सोमवार को कोर्ट में सरेंडर करना था लेकिन वह नहीं आया। उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - अक्षय संजय महाडीक, एसपी देहात