घोटाले के विरोध में विद्युत कर्मचारियों का गुस्सा फूटा
मुजफ्फरनगर। जीपीएफ की धनराशि में घोटाले को लेकर विद्युतकर्मियों ने दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार रखा। जिले की चारो डिविजन में कार्य बहिष्कार के साथ 30 कैश काउंटर भी बंद रहे। आंदोलन पर उतरे विद्युत निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने आरोपी चेयरमैन को गिरफ्तार करने की मांग की है।
यूपी पॉवर सेक्टर इंप्लाइज ट्रस्ट एवं अंशदायी कर्मचारी भविष्य निधि में जमा कर्मचारियों व अधिकारियों के जीपीएफ की धनराशि नियम विरुद्ध निजी कंपनियों को देने के विरोध में विद्युतकर्मियों का कार्य बहिष्कार मंगलवार को भी जारी रहा। टाउनहाल के मैदान में धरना दिया। सरकार से आरोपी चेयरमैन को गिरफ्तार करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि कंपनियों में राशि के डूबने से कर्मचारियों पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। धरने पर वक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप करते हुए एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाए। इसके साथ यह सुनिश्चित किया जाए कि ट्रस्ट एवं अंशदायी भविष्य निधि के भुगतान की जिम्मेदारी उ.प्र. सरकार द्वारा ली गई। जनपद के चारों डिवीजनों के करीब 30 कैश काउंटर के साथ साथ खंड व उपखंड तथा मंडल कार्यालयों को बंद रखते हुए कार्य बहिष्कार किया गया। आंदोलन के तहत आयोजित विरोध सभा में अभियंता संघ, राज्य विद्युत परिषद, प्राविधिक कर्मचारी संगठन, विद्युत कर्मचारी मोर्चा, हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन, विद्युत मजदूर संगठन, विद्युत मजदूर पंचायत आदि संगठनों के सदस्यों ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनरतले प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान एसडीओ प्रणव चौधरी को स्थायी रूप से संयोजक नियुक्त किया गया। धरने की अध्यक्षता विद्युत वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने की। मुख्य रूप से अधीक्षण अभियंता एसके गुप्ता, आरडी सिंह, अधिशासी अभियंता पंकज कुमार, राजेश कुमार, अजय कैम, भुवनराज सिंह, सचिन कुमार शर्मा, अजय यादव, आईपी सिंह, अंकित कुमार, रामनिवास त्यागी, बिजेंद्र चौधरी, रामगोपाल शर्मा, संजय चौधरी, दिनेश गौतम, विमल, गौरव कौशिक, अमित मलिक, संजय गर्ग, अभिनव गोयल, अजय कुमार त्यागी, आशीष शर्मा, मनीष गुप्ता, विशाल कुमार आदि धरने में शामिल रहे।